VIDEO: रांची के गेतलसूद डैम में कैसे हुई 50 क्विंटल से अधिक मछलियों की मौत?

रांची के गेतलसूद के मत्स्य पालकों को अचानक मछलियों के मरने से 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. गेतलसूद डैम में केज के माध्यम मछली पालन कर रहे गेतलसूद मत्स्यजीवी सहयोग समिति के विभिन्न सदस्यों के 50 क्विंटल से अधिक तेलपिया मछलियों की अचानक मौत अज्ञात कारणों से हो गई.

अनगड़ा (रांची), जितेंद्र कुमार: गेतलसूद के मत्स्य पालकों को अचानक मछलियों के मरने से 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. गेतलसूद डैम में केज के माध्यम मछली पालन कर रहे गेतलसूद मत्स्यजीवी सहयोग समिति के विभिन्न सदस्यों के 50 क्विंटल से अधिक तेलपिया मछलियों की अचानक मौत अज्ञात कारणों से हो गई. मृत मछलियों का वजन 600 ग्राम से लेकर 3 किलोग्राम तक है. मत्स्यपालक भोला महतो ने बताया कि कुल 8 केज में सभी मछलियां अचानक मर गयीं, जिसका अनुमानित मूल्य 10 लाख रुपये है. मछलियों की मौत कैसे हुई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. मत्स्य पालकों ने सरकार से मुआवजा देने की मांग की है. इधर, गेतलसूद डैम में मछलियों की मौत को विभागीय मंत्री बादल पत्रलेख ने गंभीरता से लिया है और मछलियों की मौत की जांच के आदेश विभागीय सचिव को दे दिए हैं. मंत्री बादल ने कहा कि गेतलसूद में कुल 24 केज हैं जिनमें से 4 केज में मछलियों की मौत हुई है. समिति के अध्यक्ष की मानें तो करीब 8 हजार मछलियों की मौत हुई है, जबकि महेशपुर केज में सभी मछलियां सुरक्षित हैं. मंत्री के आदेश के बाद विभाग के सचिव ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि रविवार को मामले की जांच करें और मत्स्य पालकों को बीज और सीड दोनों उपलब्ध कराएं. अगर जल किसी कारण से प्रदूषित हुआ है, तो जांच कर अविलंब रिपोर्ट करें.

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लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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