Garhwa District Court News : हत्या के आरोपी पूर्व नक्सली को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी

प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अशर्फी यादव की हत्या के आरोपी भंडरिया थाना के लामी निवासी पूर्व नक्सली टुनेश जी उर्फ टुनेश उरांव को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया.

By Prabhat Khabar News Desk | December 8, 2024 12:46 AM

गढ़वा. प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अशर्फी यादव की हत्या के आरोपी भंडरिया थाना के लामी निवासी पूर्व नक्सली टुनेश जी उर्फ टुनेश उरांव को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया. विदित हो कि टुनेश के खिलाफ 22 दिसंबर 2008 को भंडरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. यह प्राथमिकी भंडरिया थाना के टेहरी निवासी चंद्रदेव यादव के बयान पर दर्ज की गयी थी.

21 दिसंबर 2008 की रात की गयी थी हत्या

21 दिसंबर 2008 की रात 10:00 बजे बरकोल गांव में रमेश पानिक के घर के पास नक्सलियों ने अशर्फी यादव, विष्णु पनिक व रमेश पनिक को पकड़ लिया. इसके बाद रमेश पनिक और विष्णु पनिक की पिटाई कर छोड़ दिया. जबकि अशर्फी यादव की गोली मार कर हत्या कर दी. मृतक अशर्फी यादव पर आरोप था कि वह माओवादी दस्ता के लेवी के तीन लाख रुपये एवं हथियार लेकर भाग गया था. इस आरोप में उग्रवादियों ने अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था. इस सूचना पर भंडरिया पुलिस ने नक्सली विनय, बरसाय, जगदीश, रितेश, इंद्रजीत, विश्वनाथ, केश्वर, टुनेश उरांव, दिलीप साव एवं अन्य 30-35 के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए आरोप पत्र समर्पित किया था. टुनेश उर्फ टुनेश उरांव के विरुद्ध न्यायालय में पूरक आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया. इसपर न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए टुनेश के विरुद्ध आरोप गठित कर उपलब्ध दस्तावेज एवं साक्ष्य के आधार पर धारा 302/34 में दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास एवं 20 हजार रु का आर्थिक जुर्माना लगाया है.

रंका थाना प्रभारी को गोली मारने का है आरोपी

टुनेश उरांव बाद में जेजेएमपी में शामिल हो गया था. वर्तमान में वह जेजेएमपी में कमांडर के रूप में सक्रिय था. उस पर कई अन्य मामले दर्ज हैं. 17 दिसंबर 2023 को रंका थाना के ढेंगुरा जंगल में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में थानेदार शंकर कुशवाहा घायल हो गये थे. गोली उनकी बांह में लगी थी. इसके बाद टुनेश की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज हुआ था. पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद टुनेश को गिरफ्तार करने में सफलता पायी थी.

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