रांची: हर वर्ष 31 जुलाई को विश्व रेंजर दिवस (World Ranger Day) मनाया जाता है. इस दिवस का उद्देश्य वन रक्षकों (Forest Rangers) के साहस, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण में उनके अमूल्य योगदान को सम्मान देना है. साथ ही, ड्यूटी के दौरान शहीद हुए या घायल हुए वन कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है.
वन रक्षक जंगलों, वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में दिन-रात कार्य करते हैं. वे अवैध कटाई, शिकार, वन्यजीव तस्करी, जंगलों में आग लगने जैसी घटनाओं को रोकने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कई बार उन्हें कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, जंगली जानवरों और अपराधियों का सामना करते हुए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है.
वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और घटते वन्यजीवों की संख्या जैसी चुनौतियों के बीच वन रक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है. इनके प्रयासों से न केवल जंगल सुरक्षित रहते हैं. बल्कि पर्यावरण संतुलन, स्वच्छ हवा, जल स्रोतों का संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित होता है.
विश्व रेंजर दिवस हमें यह संदेश देता है कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है कि वह वनों और वन्यजीवों की रक्षा में सहयोग करे. पेड़-पौधों का संरक्षण, वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता ही इस दिवसकी सच्ची भावना है.
