ओड़िशा से जबरन भेजा, बॉर्डर पर घंटों भूखे बैठे रहे 60 मजदूर

विशाखापट्टनम से सुंदरगढ़ में आकर फंसे झारखंड के 60 प्रवासी मजदूरों को आज सुबह जबरन उनके राज्य झारखंड भेज दिया गया. ओड़िशा और झारखंड की सीमा बिरमित्रापुर के पास उन्हें ले जाकर छोड़ दिया गया और कह दिया गया कि वे गढ़वा चले जाये

रांची : विशाखापट्टनम से सुंदरगढ़ में आकर फंसे झारखंड के 60 प्रवासी मजदूरों को आज सुबह जबरन उनके राज्य झारखंड भेज दिया गया. ओड़िशा और झारखंड की सीमा बिरमित्रापुर के पास उन्हें ले जाकर छोड़ दिया गया और कह दिया गया कि वे गढ़वा चले जाये. क्वारेंटाइन सेंटर से सीमा तक जाने का उन्हें किराया भी देना पड़ा. सारे मजदूर घंटों बिरमित्रपुर में सड़क पर भूखे-प्यासे बैठे रहे और गढ़वा से गाड़ी आने का इंतजार करते रहे.

बार-बार वे गढ़वा प्रशासन व स्थानीय नेताओं से संपर्क साधते रहे कि गाड़ियां उन्हें लेने कब पहुंचेगी. शाम करीब 4:00 बजे तक गाड़ी नहीं पहुंची थी. वे लोग सड़क पर ही बैठे हुए थे. जानकारी के मुताबिक गढ़वा के सारे मजदूर विशाखापट्टनम में काम करते थे. लॉक डाउन होने के बाद सारे लोग भोजन के अभाव में वहां से निकलकर अपने गांव गढ़वा के लिए चल दिये थे.

इस बीच झारखंड सीमा से 15 किलोमीटर पहले सुंदरगढ़ में उन्हें पकड़ लिया गया था. वहां एक स्कूल में सारे को क्वारेंटाइन के लिये रखा गया था. एक अप्रैल से सारे मजदूर सुंदरगढ़ में ही फंसे हुए थे.

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By Pritish sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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