रांची: घर से महज 10 फीट दूर खदान, ब्लास्टिंग और भू-धंसान के खतरे के बीच रह रहा 5 सदस्यीय परिवार

पिपरवार में सीसीएल खदान के मुहाने पर एक परिवार जान जोखिम में डालकर रह रहा है। मुआवजा न मिलने के कारण परिवार घर खाली करने को तैयार नहीं है। जानें पूरी खबर।

पिपरवार: रांची के पिपरवार थाना क्षेत्र के ठेठांगी गांव में सीसीएल की अशोक परियोजना खदान के विस्तार के कारण रंजीत तिग्गा का घर खदान के मुहाने तक पहुंच गया है. खदान और घर के बीच अब 10 फीट से भी कम दूरी बची है. ऐसे में रंजीत तिग्गा का पांच सदस्यीय परिवार जान जोखिम में डालकर कच्चे मकान में रहने को मजबूर है.

घर के आसपास मंडरा रहा हादसे का खतरा

ग्रामीणों के अनुसार, खदान क्षेत्र के आसपास अब तक बाउंड्री भी नहीं की गयी है. खदान में होने वाली ब्लास्टिंग और भू-धंसान की आशंका के बीच घर में रह रहे परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि घर और खदान के बीच बेहद कम दूरी होने के कारण किसी भी अप्रिय घटना में बड़ा नुकसान हो सकता है.

मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिलने का आरोप

रंजीत तिग्गा के परिजनों का कहना है कि सीसीएल प्रबंधन की ओर से अब तक जमीन और घर का मुआवजा नहीं दिया गया है. इसके अलावा परिवार के पुनर्वास की भी व्यवस्था नहीं की गयी है. परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें मुआवजा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करायी जातीं, तब तक वे अपना घर खाली नहीं करेंगे.

परिजनों ने कहा कि यदि इस दौरान किसी तरह की दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी सीसीएल प्रबंधन की होगी.

पीओ बोले- शुक्रवार को चेक देकर कराया जाएगा घर खाली

इस संबंध में अशोक परियोजना के पीओ जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि रंजीत तिग्गा घर नहीं तोड़ रहा था, जिसके कारण नियमानुसार मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को मुआवजा राशि का चेक दिया जाएगा और इसके बाद घर खाली कराया जाएगा.

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लेखक के बारे में

By जितेंद्र राणा

मैं 25 वर्षों से पत्रिकारिकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. प्रभात खबर में मैं वर्ष 2020 से पिपरवार डेट लाइन से समाचार लिख रहा हूं.

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