बिजली जनसमस्या निवारण केंद्र में मिनटों में हल हुई बिल की समस्या, पहले दिन 200 से अधिक कॉल

Ranchi: रांची में बिजली जनसमस्या निवारण केंद्र में उपभोक्ताओं की बिल संबंधी समस्याओं का मिनटों में समाधान किया जा रहा है. पहले दिन 200 से अधिक कॉल आए और करीब 35 शिकायतों का तुरंत समाधान कर दिया गया. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

सुनील चौधरी
Ranchi: रांची के चुटिया निवासी एम मंडल का बिजली कनेक्शन के तीन माह बाद तक बिल ही नहीं आया. उन्होंने जेबीवीएनएल द्वारा कुसई कॉलोनी में खुले जनसमस्या निवारण केंद्र का रूख किया. वहां फोन पर अपनी समस्या बतायी और तीन मिनट के अंदर ही उनके मोबाइल पर बिल की कॉपी आ गयी. रांची के ही बिरसा नगर के जीसी शॉ ने ट्रांसफॉर्मर में तकनीकी खामी बतायी. करीब 30 मिनट के बाद वहां बिजली आ गयी. हाजी चौक निवासी राजा जी के बिल में मोबाइल नंबर टैग नहीं था, जिसके कारण उन्हें व्हाट्सएप पर बिल नहीं मिल रहा था.

फोन करते ही व्हाट्सएप पर आता है मैसेज

उन्होंने सूचना केंद्र में फोन किया. करीब पांच मिनट बाद ही उनके व्हाट्सएप पर मैसेज आने लगा. हजारीबाग के ओकनी में फीडर का ब्रेकर टूट गया था. वहां बिजली नहीं थी. किसी ने फोन किया और करीब दो घंटे के अंदर में ब्रेकर ठीक कर लिया गया और ओकनी में बिजली बहाल हो गयी. सोमवार को कुसई कॉलोनी के डाटा सेंटर में आरंभ किये गये जन समस्या निवारण केंद्र में सभी समस्याओं का समाधान हो रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर इसे आरंभ किया गया है. जेबीवीएनएल के एमडी के श्रीनिवासन ने स्वयं उपस्थित होकर इसे आरंभ कराया.

सुबह छह बजते ही फोन घनघनाने लगा

सुबह छह बजते ही जन समस्या निवारण केंद्र का फोन घनघनाने लगा. फोन को सहायक अभियंता संजय महतो रिसीव कर रहे थे. वहां दो शिफ्ट में एक-एक सहायक अभियंता की ड्यूटी लगायी गई है. इनकी मॉनीटरिंग का काम कार्यपालक अभियंता अनूप प्रसाद को दिया गया है. एक शिफ्ट में एक सहायक अभियंता और एक सहायक की ड्यूटी रहती है. फोन आने की रफ्तार इतनी तेज है कि अभियंता एक फोन को अटेंड कर कार्रवाई करते उससे पहले ही दूसरा कॉल आ जा रहा है.

पहले दिन करीब 200 कॉल आये. जिसमें 35 शिकायतों का तत्काल समाधान कर दिया गया. शेष शिकायतों पर संबंधित क्षेत्र को भेज दिया गया है. बताया गया कि इन शिकायतों पर एमडी ने तेजी से कार्रवाई का निर्देश दिया है.

मैन पावर की है कमी

संवाददाता ने जब वहां का जायजा लिया तो पता चला कि एक शिफ्ट में केवल दो लोग काम करते हैं. इसमें परेशानी यह हो रही है कि फोन अटेंड करके उसे नोट करके संबंधित पदाधिकारी को कार्रवाई के लिए कहना होता है, लेकिन फोन आने की रफ्तार इतनी तेज है कि शिफ्ट में रहने वाले अभियंता को शिकायत पर कार्रवाई के लिए विलंब होने लगता है. कहा जा रहा है कि कम से कम इतनी व्यवस्था हो कि एक फोन अटेंडेंट हो और दूसरा व्यक्ति तत्काल कार्रवाई पर ध्यान दें. तीसरा व्यक्ति शिकायतों को नोट करें.

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Published by: AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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