रांची से हिमांशु साहू की रिपोर्ट
Smart India Hackathon 2026: झारखंड की राजधानी रांची स्थित डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में शनिवार, 12 सितंबर 2026 को 'स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2026' (इंटरनल हैकथॉन) का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में छात्रों ने नवाचार और तकनीकी समाधान आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर ने प्रतिभागी टीमों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के कौशल विकास के साथ-साथ समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
कुलपति ने आइडिया लैब बनाने की दी सहमति
कार्यक्रम में कुलपति ने घोषणा की कि विश्वविद्यालय जल्द ही एक 'आइडिया लैब' स्थापित करेगा, जहां विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट्स पर बेहतर तरीके से काम करने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विश्वविद्यालय की प्राथमिकता छात्र-केंद्रित पहल को बढ़ावा देना है, ताकि विद्यार्थी बाहरी प्रतियोगिताओं में भी मजबूती से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें. उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय जल्द ही एक मेगा कॉन्क्लेव आयोजित करने की तैयारी कर रहा है, जिसमें तकनीकी उत्कृष्टता पर आधारित कई बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
नवाचार और तकनीकी सोच को मिला मंच
कार्यक्रम की शुरुआत समन्वयक डॉ. अशोक आचार्य के स्वागत भाषण से हुई. उन्होंने सभी प्रतिभागी टीमों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हैकथॉन विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक सोच और तकनीकी क्षमता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है. प्रतियोगिता के दौरान छात्रों ने विभिन्न समस्याओं के समाधान से जुड़े नवाचार आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जिनका मूल्यांकन विशेषज्ञों की निर्णायक समिति ने किया.
एआई के दौर में हैकथॉन की बढ़ी अहमियत
इस अवसर पर डॉ. राहुल देव साह और डॉ. राजेंद्र कुमार महतो ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में ऐसे आयोजन केवल तकनीकी प्रतियोगिता नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों को किताबों से आगे बढ़कर वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के मंच छात्रों के आत्मविश्वास, समस्या समाधान क्षमता और टीमवर्क कौशल को मजबूत करते हैं, जो भविष्य के करियर में बेहद उपयोगी साबित होते हैं.
विशेषज्ञों ने किया प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन
प्रतियोगिता में प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन करने के लिए गठित निर्णायक समिति में डॉ. पल्लवी मिश्रा, डॉ. अश्विनी शर्मा, डॉ. अमृतराज महतो, डॉ. आंचल कुमारी, डॉ. विवेक सोनू और सावित्री कुमारी शामिल थीं. समिति ने विभिन्न तकनीकी और नवाचार संबंधी मानकों के आधार पर प्रतिभागी टीमों के प्रोजेक्ट्स का आकलन किया.
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शिक्षक और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में डॉ. आईन साहू, डॉ. राहुल देव साह, डॉ. राजेंद्र कुमार महतो, डॉ. प्रियरंजन प्रियदर्शी और डॉ. वीरेश कुमार सहित विश्वविद्यालय के कई शिक्षक उपस्थित रहे. आयोजन के सफल संचालन में विश्वविद्यालय के शिक्षकों और समन्वयकों की सक्रिय भूमिका रही. विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि स्मार्ट इंडिया हैकथॉन जैसे आयोजन छात्रों में नवाचार, तकनीकी सोच और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से लगातार आयोजित किए जा रहे हैं.
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