रोहिणी परियोजना के विस्थापितों ने मुआवजा व पुनर्वास की मांग की

मोर्चा ने केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री सह स्थानीय सांसद संजय सेठ से मिलकर रोहिणी परियोजना से विस्थापित ग्रामीणों के मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया.

प्रतिनिधि, खलारी.

रैयत विस्थापित मोर्चा ने केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री सह स्थानीय सांसद संजय सेठ से मिलकर रोहिणी परियोजना से विस्थापित ग्रामीणों के मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया. मोर्चा के पदधारियों ने ज्ञापन सौंपकर विस्थापित परिवारों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की. मोर्चा ने पत्र में कहा है कि रोहिणी परियोजना के कारण ढूब, पेटपेट और आसपास के गांवों के लगभग 250 परिवार विस्थापित हुए हैं. जिन्हें अब तक समुचित मुआवजा और पुनर्वास की सुविधा नहीं मिली है. विस्थापित परिवारों को आजीविका और आवास की गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. मोर्चा ने मांग की है कि प्रभावित गांवों का स्थायी पुनर्वास किया जाये और प्रत्येक विस्थापित परिवार को रोजगार या नौकरी के अवसर दिये जायें. साथ ही जिन परिवारों की जमीन परियोजना में गयी है, उन्हें उचित क्षतिपूर्ति और आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जायें. ब्लास्टिंग कार्य के कारण कई घरों में दरारें आ गयी हैं और खेतों को नुकसान पहुंचा है. मोर्चा ने इनकी क्षति-पूर्ति के लिए सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है. इसके अलावा रोहिणी परियोजना में वन व अमृत वाटिका विस्थापितों की देखरेख के लिए स्थायी व्यवस्था कियं जाने की भी अपील की गयी. मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि विस्थापितों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन करने की चेतावनी दी है. पत्र सौंपने वालों में मोर्चा के रोहिणी अध्यक्ष मुकद्दर कुमार, सचिव अमृत भोगता समेत अन्य सदस्य शामिल थे.

08 खलारी 01:- रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ को पत्र सौंपते रैविमो के लोग.

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Author: DINESH PANDEY

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