झारखंड में कपड़े और जूते की दुकानें कब खुलेंगी ? लॉकडाउन की रणनीति पर हेमंत सोरेन कर सकते हैं घोषणा

रांची : झारखंड में कपड़े, जूते समेत कई अन्य दुकानों के खोलने पर आज फैसला हो सकता है. सूचना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इससे संबंधित दिशा-निर्देश अधिकारियों को दे दिये हैं. आज होने वाली उच्चस्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में लॉकडाउन में ढील देने से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है.

रांची : झारखंड में कपड़े, जूते समेत कई अन्य दुकानों के खोलने पर आज फैसला हो सकता है. सूचना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इससे संबंधित दिशा-निर्देश अधिकारियों को दे दिये हैं. आज होने वाली उच्चस्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में लॉकडाउन में ढील देने से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है.

50 हजार से अधिक हैं कपड़ा दुकानें

50 हजार से अधिक हैं कपड़ा दुकानेंलॉकडाउन के कारण करीब 85 दिनों से कपड़ों का व्यवसाय राजधानी समेत पूरे राज्य में ठप पड़ा हुआ है. राज्य में 50 हजार से अधिक कपड़े की दुकानें हैं, जिनसे प्रत्यक्ष रूप से 5 लाख लोग जुड़े हैं. राजधानी समेत आसपास के इलाके में करीब 10 हजार दुकानें हैं, लेकिन इन दुकानों का शटर बंद रहने से कपड़ा व्यवसायियों समेत जूता-चप्पल और छोटे दुकानदार परेशान हैं.

सरकार की गाइडलाइन का होगा पालन

झारखंड थोक वस्त्र विक्रेता संघ की मानें, तो कपड़ा एवं जूता-चप्पल की दुकानों के बंद होने से उनके और उनकी दुकान में काम करने वाले लोगों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. हेमंत सरकार को इस ओर गंभीरता पूर्वक ध्यान देने की जरूरत है. संघ का कहना है कि राज्य सरकार जो भी गाइड लाइन देती है, उसका सभी दुकानदार पालन करेंगे.

22 मार्च से ही बंद हैं दुकानें

आपको बता दें कि झारखंड में पिछले 22 मार्च, 2020 से ही लॉकडाउन लागू है. 1 जून, 2020 से कंटेनमेंट जोन को छोड़कर अन्य इलाकों में रियायत दी गयी है, जबकि कपड़े व जूते की दुकानें बंद रखने का निर्देश दिया गया था. इसे लेकर दुकानदारों ने सरकार से रियायत देने का आग्रह किया था. आपको बता दें कि सीएम हेमंत सोरेन ने पहले ही स्पष्ट किया था कि प्रधान‍मंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद वे इस पर निर्णय लेंगे.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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