बारिश में कीचड़-पानी से भर जाता है रास्ता, तमाड़ के मझिलडीह के ग्रामीण पक्की सड़क को तरसे

तमाड़ के मझिलडीह गांव में आजादी के बाद भी पक्की सड़क की सुविधा नहीं पहुंची है. बारिश में कच्चा रास्ता कीचड़ और पानी से लबालब हो जाता है, जिससे ग्रामीणों का जीवन दूभर हो जाता है. स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है.

तमाड़. डिंबुजोरदा पंचायत के मझिलडीह गांव के ग्रामीण आजादी के दशकों बाद भी पक्की सड़क की सुविधा से वंचित हैं. कुड़बाहातू से मझिलडीह तक करीब एक किलोमीटर सड़क का निर्माण अब तक नहीं हुआ है. बारिश के दिनों में कच्चा रास्ता कीचड़ और पानी से भर जाता है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो जाता है.

स्कूली बच्चों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों पर पड़ता है. बच्चों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है. वहीं, आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है.

किसानों को फसल बाजार पहुंचाने में दिक्कत

सड़क की स्थिति खराब होने से किसानों को भी परेशानी होती है. ग्रामीणों के अनुसार, कच्चे रास्ते के कारण फसल को बाजार तक पहुंचाने में दिक्कत होती है. ग्रामीणों ने बताया कि पक्की सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है.

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से कुड़बाहातू से मझिलडीह तक करीब एक किलोमीटर सड़क का जल्द निर्माण कराने की मांग की है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shubham Haldar

शुभम हल्दार प्रभात खबर में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब 16 वर्षों का समृद्ध अनुभव रखते हैं। वे जनहित, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, प्रशासनिक व्यवस्था तथा आम जनता से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष, तथ्यपरक और प्रभावी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता से उनका जुड़ाव केवल पेशेवर नहीं, बल्कि पारिवारिक विरासत का भी हिस्सा है। उनके पिता श्री असीम कुमार हल्दार वर्ष 1984 से प्रभात खबर के सर्कुलेशन विभाग से जुड़े हुए हैं, जिसके कारण समाचार जगत और पत्रकारिता के मूल्यों से उनका रिश्ता पीढ़ियों से कायम है।

शुभम हल्दार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की अनसुनी आवाज़, विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और जनहित की खबरों को प्रमुखता के साथ पाठकों तक पहुँचाना है। उनका मानना है कि सशक्त पत्रकारिता केवल समाचारों का प्रसारण नहीं, बल्कि समाज और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही का मजबूत सेतु है।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >