बारिश से बढ़ा जलाशयों का जलस्तर, कांके डैम में खतरे के निशान से केवल दो फीट कम है पानी

Dam Water Level: रांची में दिन भर हुई भारी बारिश के बाद जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है. कांके डैम का वाटर लेवल खतरे के निशान से महज 2 फीट नीचे है.

Dam Water Level: रांची में शुक्रवार को हुई बारिश से डैमों का जलस्तर भी बढ़ा है. कांके डैम में खतरे के निशान से सिर्फ दो फीट पानी कम है. इस डैम का अधिकतम जलस्तर 28 फीट है. शुक्रवार की देर रात इसका जलस्तर बढ़कर 26 फीट एक इंच हो गया है.

रांची के रुक्का डैम का जलस्तर बढ़कर 24 फीट 5 इंच हुआ

राजधानी की 80 फीसदी आबादी को पानी पहुंचाने वाला रुक्का डैम का जलस्तर बढ़कर 24 फीट 5 इंच हो गया है. इस डैम की अधिकतम क्षमता 36 फीट है. पिछले वर्ष 02 अगस्त को डैम में 18 फीट 2 इंच पानी था. फिलहाल इस डैम में छह फीट अधिक पानी है.

हटिया डैम में अभी भी पिछले साल से 5 फीट कम पानी

इधर, हटिया डैम में पिछले वर्ष की तुलना में 5 फीट पानी कम है. वर्तमान में रांची के हटिया डैम का जलस्तर लगभग 20 फीट है. पिछले वर्ष दो अगस्त को इस डैम में 25 फीट पानी था. इस डैम की अधिकतम क्षमता 39 फीट है.

मौसम विभाग के अलर्ट के बाद सक्रिय हुआ रांची नगर निगम

मौसम विभाग के अलर्ट के बाद रांची नगर निगम सक्रिय हो गया. आने वाले दिनों में तेज बारिश की संभावना को देखते हुए जलजमाव और यातायात में बाधा उत्पन्न होने जैसी परिस्थिति बन सकती है. निगम ने मौसम को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.

टोल फ्री नंबर पर नगर निगम को दें जलजमाव की जानकारी

साथ ही इलाके में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल सूचना निगम के टोल फ्री नंबर 18005701235 या 8141231235 पर देने की अपील की गयी है. नगर निगम की ओर से कहा गया कि सूचना देने के बाद जलजमाव वाले मोहल्ले में निगम की टीम जायेगी़ निगम ने लोगों से अपील की है कि बहुत जरूरी हो, तभी बारिश के बची घरों से निकलें.

शहर में जलजमाव के लिए नगर निगम है जिम्मेदार : फोरम

रांची सिटीजन फोरम के अध्यक्ष दीपेश निराला ने राजधानी में जलजमाव के लिए रांची नगर निगम की लचर व्यवस्था को जिम्मेवार ठहराया है. उन्होंने कहा कि रांची के नाला और नाली की सफाई के लिए कोई विशेष अभियान नहीं चला. रांची नगर निगम केवल दावे करता रहा. निगम के दावे की वास्तविक स्थिति क्या है, वह आज बारिश के बाद सामने आ गयी. निगम की पोल खुल चुकी है. आगे से निगम को इस कार्य पर फोकस करने की जरूरत है. नहीं, तो हमेशा ऐसे स्थिति उत्पन्न होगी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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