कोसी सुपर और इंटरसिटी एक्सप्रेस के झालदा में स्थायी ठहराव की मांग, रेल यात्रियों ने किया प्रदर्शन

indian railways: झालदा से हर दिन रांची आकर ड्यूटी करने वाले तपन ने कहा कि यात्रियों को यह मालूम है कि ट्रेन को अस्थायी ठहराव दिया गया था. लेकिन, बंद करने से पहले इसके बारे में कोई घोषणा नहीं की गयी. अचानक से ट्रेन के स्टॉपेज को खत्म कर दिया गया, जिसने हमारे लिए परेशानी पैदा कर दी है.

Indian Railways: रांची-धनबाद-रांची और रांची से पूर्णिया के बीच चलने वाली कोसी सुपर एक्सप्रेस ट्रेन के अस्थायी स्टॉपेज को खत्म किये जाने से नाराज रेल यात्रियों ने शनिवार को सुबह झालदा स्टेशन पर विरोध-प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि सैकड़ों लोग इस ट्रेन से रांची और धनबाद जाते हैं. उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो गयीं हैं. इन दोनों ट्रेनों के यहां रुकने से लोग आसानी से रांची पहुंच जाते हैं. ड्यूटी करने के बाद घर भी आराम से आ जाते हैं. ट्रेन को अचानक बंद कर दिया गया है, जिससे दैनिक यात्री बेहद परेशान हैं. हालांकि, दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची मंडल के मुख्य सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी (सीपीआरओ) निशांत कुमार ने कहा है कि रेलवे को रिपोर्ट भेज दी गयी है. इन दोनों ट्रेनों का स्टॉपेज फिर से बहाल हो जाने की उम्मीद है.

रेलवे ने बिना सूचना के खत्म कर दिया ट्रेनों का स्टॉपेज : यात्री

झालदा से हर दिन रांची आकर ड्यूटी करने वाले तपन ने कहा कि यात्रियों को यह मालूम है कि ट्रेन को अस्थायी ठहराव दिया गया था. लेकिन, बंद करने से पहले इसके बारे में कोई घोषणा नहीं की गयी. अचानक से ट्रेन के स्टॉपेज को खत्म कर दिया गया, जिसने हमारे लिए परेशानी पैदा कर दी है. रेलवे को यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए ट्रेन का स्टॉपेज पुनर्बहाल करना चाहिए. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो दैनिक यात्री झालदा में उग्र प्रदर्शन करेंगे.

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झालदा में नहीं रुकी कोसी सुपर एक्सप्रेस, रांची-धनबाद इंटरसिटी

रेल यात्रियों ने बताया कि शनिवार को सुबह हर दिन की तरह लोग ऑफिस जाने के लिए स्टेशन पहुंचे थे. लेकिन, कोसी सुपर एक्सप्रेस और रांची-धनबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनें यहां नहीं रुकीं. बताया गया कि दोनों ट्रेनों को 6 माह का अस्थायी ठहराव दिया गया था, जिसे खत्म कर दिया गया है. अगर स्टॉपेज खत्म ही करना था, तो पहले इसकी सूचना दे दी जानी चाहिए थी.

ट्रेनों का ठहराव बहाल किये जाने की है उम्मीद : निशांत कुमार

उधर, दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची मंडल के सीपीआरओ निशांत कुमार ने बताया कि रेलवे को रिपोर्ट भेज दी गयी है. यह पूछे जाने पर कि टिकट की बिक्री कैसी है, उन्होंने कहा कि विंडो सेल तो संतोषजनक नहीं है, लेकिन रांची मंडल की ओर से रिपोर्ट भेजी गयी है. उम्मीद है कि जल्द ही इन दोनों ट्रेनों का ठहराव बहाल कर दिया गया है. हालांकि, उन्होने स्टेशन पर किसी प्रकार के हंगामे से इंकार किया.

झालदा से हर दिन करीब 100 लोग आते हैं रांची

बता दें कि सुबह कोसी सुपर एक्सप्रेस 7:54 बजे झालदा पहुंचती है और 7:56 में खुल जाती है. रांची-धनबाद-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन सुबह 8 बजे झालदा स्टेशन से खुलती है. दोनों ट्रेनें आज यहां नहीं रुकीं, तो यात्रियों ने स्टेशन मास्टर के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. साथ ही उनसे आग्रह किया कि जयनगर-राउरकेला एक्सप्रेस ट्रेन को यहां रोका जाये, ताकि नौकरीपेशा लोग रांची पहुंच सकें. जयनगर एक्सप्रेस ट्रेन यहां रुकी और लोग रांची पहुंचे. झालदा से हर दिन करीब 100 लोग रांची आते हैं और शाम को फिर ट्रेन से ही लौट जाते हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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