CyberPeace Esports League 9.0: इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) ने पुष्टि की है कि पहला ओलंपिक ई-स्पोर्ट्स गेम्स 2027 रियाध में होगा. इसके साथ ही, ई-स्पोर्ट्स ग्लोबल पहचान के एक नए और अहम दौर में प्रवेश कर रहा है. जैसे-जैसे दुनिया इस ऐतिहासिक पड़ाव के लिए तैयार हो रही है, साइबरपीस- प्रतिस्पर्धी ई-स्पोर्ट्स को साइबर सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और साइबर खतरों से निपटने की क्षमता के साथ जोड़कर भारत को जिम्मेदार गेमिंग के क्षेत्र में अग्रणी स्थिति पर स्थापित कर रहा है. इसी क्रम में, साइबरपीस ने द लेवल 7, साइबरपीस कैफ़े में साइबरपीस ई-स्पोर्ट्स लीग (सीईएल) 9.0 का सफल समापन किया. इस रोमांचक टूर्नामेंट में देश भर के प्रतिभाशाली गेमर्स एक साथ आए और उन्होंने प्रतिस्पर्धी उत्कृष्टता, टीम वर्क और ज़िम्मेदार गेमिंग का जश्न मनाया.
इस टूर्नामेंट में जबरदस्त मुकाबला, बेहतरीन गेमप्ले और शानदार खेल भावना देखने को मिली. इसमें पुरस्कार राशि को चैंपियन, रनर-अप और दूसरे रनर-अप के बीच बांटा गया. मुकाबले के अलावा, प्रतिभागियों ने साइबर-सिक्योरिटी, जिम्मेदार गेमिंग, फेयर प्ले और ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में जागरूकता के ज़रिए एक सुरक्षित और समावेशी डिजिटल गेमिंग इकोसिस्टम बनाने के साइबरपीस के विज़न में भी हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम ने गेमिंग में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ डिजिटल प्रत्यास्थता के महत्व को भी उजागर किया, क्योंकि भारत का ई-स्पोर्ट्स उद्योग तेजी से विस्तारित हो रहा है.
इस पहल के बारे में बात करते हुए, साइबरपीस की सीईओ शिवांगी रॉय ने कहा- ओलंपिक मंच पर ई-स्पोर्ट्स को मान्यता मिलना ग्लोबल गेमिंग इकोसिस्टम के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है. ई-स्पोर्ट्स तेज़ी से विकसित हो रहा है, ऐसे में हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम फेयर प्ले, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल भरोसे और ज़िम्मेदार गेमिंग को बढ़ावा दें. साइबरपीस ईस्पोर्ट्स लीग के जरिए, हम न सिर्फ़ बेहतरीन गेमर्स बल्कि ज़िम्मेदार डिजिटल नागरिक भी बना रहे हैं जो तेज़ी से कनेक्टेड होती दुनिया में ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ मुकाबला कर सकें.
द लेवल 7, साइबरपीस कैफ़े में आयोजित इस टूर्नामेंट में ई-स्पोर्ट्स के प्रति साइबरपीस का अनूठा दृष्टिकोण देखने को मिला जहां प्रतिस्पर्धी गेमिंग के साथ-साथ साइबर जागरूकता डिजिटल कल्याण और सामुदायिक जुड़ाव पर भी ध्यान दिया गया. कार्यक्रम स्थल ने ऐसे इनोवेशन हब की भूमिका निभाई जहां गेमिंग, टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और युवाओं की भागीदारी मिलकर सकारात्मक और सुरक्षित डिजिटल संस्कृति को बढ़ावा देते हैं. हाल ही के संस्करण की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, साइबरपीस ने साइबरपीस नेशनल ई-स्पोर्ट्स लीग 10.0 की घोषणा की, जो 19-20 सितंबर 2026 को रांची, झारखंड में इंटरनेशनल डे ऑफ़ पीस (अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस) के मौके पर आयोजित की जाएगी.
इस विशेष संस्करण में रु 2 लाख की पुरस्कार राशि दी जाएगी. उम्मीद है कि इसमें देश्ज्ञ भर से जाने-माने गेमर्स, क्रिएटर्स, यूनिवर्सिटीज़, ई-स्पोर्ट्स ऑर्गनाइज़ेशन्स और गेमिंग कम्युनिटीज़ हिस्सा लेंगी. यह चैंपियनशिप प्रतिस्पर्धी उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के साथ-साथ ज़िम्मेदार गेमिंग, साइबर प्रत्यास्थता, डिजिटल नागरिकता और ऑनलाइन सुरक्षा के साइबरपीस के मिशन को भी आगे बढ़ाएगी.
जैसे-जैसे ग्लोबल ई-स्पोर्ट्स इकोसिस्टम 2027 में अपने ओलंपिक डेब्यू की ओर बढ़ रहा है, साइबरपीस का मानना है कि भारत के पास न सिर्फ़ अग्रणी ई-स्पोर्ट्स देश बनने बल्कि ज़िम्मेदार गेमिंग और डिजिटल भरोसे के लिए विश्वस्तरीय बेंचमार्क स्थापित करने का भी मौका भी है. साइबरपीस ई-स्पोर्ट्स लीग के ज़रिए, साइबरपीस ई-स्पोर्ट्स और साइबर सिक्योरिटी की दुनिया को जोड़ने का काम जारी रखे हुए है. तथा आज के डिजिटल दौर में युवाओं को में सुरक्षित, नैतिक और सफल तरीके से मुकाबला करने के लिए ज़रूरी कौशल, जागरुकता और मूल्यों के साथ सशक्त बना रहा है.
साइबरपीस के बारे में
साइबरपीस भारत में स्थित एक विश्वस्तरीय गैर-लाभ संस्था है. यह 130 देशों में काम करती है और साइबरस्पेस को अधिक सुरक्षित और समावेशी बनाने के लिए सरकारों, यूएन और उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करती है. यह साइबरसिक्योरिटी, पॉलिसी और शांति-निर्माण के क्षेत्रों में सक्रिय है. इसका लक्ष्य सभी के लिए एक सुरक्षित, मज़बूत और समावेशी साइबरस्पेस बनाना है. अपने विश्वस्तरीय प्रयासों के ज़रिए, साइबरपीस “साइबरपीस और टेक्नोलॉजी में भरोसा” के विज़न को आगे बढ़ाने के लिए क्षमता निर्माण, पॉलिसी रिसर्च, और आम लोगों को जागरुक बनाने जैसे कार्यों में सक्रिय है.
बुनियादी स्तर के डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों से लेकर उच्च-स्तरीय पॉलिसी और रिसर्च सहयोग तक, साइबरपीस दुनिया भर में डिजिटल इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने के लिए इनोवेशन, शिक्षा और एडवोकेसी को एक साथ लाती है. जिम्मेदार टेक्नोलॉजी के भविष्य को बढ़ावा देते हुए, साइबरपीस- साइबर डिफेंडर्स और ज़िम्मेदार डिजिटल नागरिकों की अगली पीढ़ी तैयार कर रही है. साथ ही, यह अपने मिशन को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों और भारत के विकसित भारत 2047 विज़न के साथ जोड़ती है.
