रांची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, छावनी में बदला कोर्ट परिसर, चप्पे-चप्पे की तलाशी

राजधानी स्थित रांची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने पर शुक्रवार को पुलिस ने कोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया.

रांची. राजधानी स्थित रांची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने पर शुक्रवार को पुलिस ने कोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया. यह धमकी सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार के ऑफिशियल मेल पर इमेल के जरिये आयी थी. इस इमेल को रजिस्ट्रार प्रशांत कुमार वर्मा ने खोला और तत्काल इसकी जानकारी पहले न्यायायुक्त को दी. तब न्यायायुक्त ने एसएसपी रांची को बताया. वहीं मामले में कोतवाली थाना में सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार के बयान पर केस दर्ज कराया गया है.

दो दिन पहले कोर्ट की सुरक्षा पर हुई थी बैठक

दो दिन पहले कोर्ट की सुरक्षा को लेकर न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 और सीजेएम शशि भूषण शर्मा के साथ एसएसपी राकेश रंजन की बैठक हुई थी. जिसमें कोर्ट परिसर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को लेकर कुछ आवश्यक निर्देश भी दिये गये थे. इसमें कोर्ट के प्रवेश करने के पहले बैरिकेडिंग लगा कर वकील और मुवक्किलों की जांच करने के लिए कहा गया है. फिलहाल इमेल के सोर्स और आइपी एड्रेस का पता लगाने के लिए साइबर सेल को जांच में लगाया गया है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी वास्तविक है या अफवाह फैलाने की साजिश है. पुलिस किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं हैं.

रांची पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया

धमकी की सूचना मिलते ही रांची पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया. सिविल कोर्ट परिसर को पूरी तरह पुलिस छावनी में बदल दिया गया. कोर्ट के समाहरणालय की ओर स्थित मुख्य प्रवेश द्वार को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिया गया. वहीं फोर्टिज कोर्ट तथा रांची जिला बार भवन की ओर के प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिये गये. कई जगहों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग भी कर दी थी.

बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉयड को बुलाया गया

मौके पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉयड को भी बुलाया गया. आने-जाने वाले वकील और मुवक्किलों की भी जांच की जाने लगी. इस क्रम में पुलिस ने कोर्ट परिसर के अंदर और आसपास सघन तलाशी ली. कोर्ट की इमारत, पार्किंग, रिकॉर्ड रूम और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गयी. एहतियातन कुछ समय के लिए कोर्ट परिसर में आम लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गयी थी. इतना ही नहीं, कोर्ट परिसर से सटी इमारतों पर भी पुलिस नजर रख रही है.

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By Prabhat gopal jha

पिछले 26 सालों से पत्रकारिता में हूं. फिलहाल प्रथम पेज देखता हूं. साथ ही खबरों के समन्वय का भी काम करता हूं. स्थानीय खबरों के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों के चयन में सहयोग करता हूं.

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