Jharkhand Coronavirus News: कोरोना वायरस से झारखंड में नौ की मौत, 1508 नये पॉजिटिव मिले

कोरोना वायरस से झारखंड में नौ की मौत

By Prabhat Khabar | September 29, 2020 8:53 AM

रांची : झारखंड में सोमवार को 82743 सैंपल की जांच हुई, जिनमें 1508 नये पॉजिटिव मिले हैं. यानी सौ लोगों में 1.82 लोग संक्रमित मिले हैं. इधर 1806 संक्रमित स्वस्थ भी हुए हैं. पर नौ मरीजों की मौत हो गयी है. इसके साथ ही राज्य में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 688 हो चुकी है. मृतकों में जमशेदपुर के चार, रांची के दो तथा गढ़वा, गिरिडीह व प. सिंहभूम के एक-एक संक्रमित शामिल हैं. वहीं राज्य में अब तक 81417 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं. जिनमें 68603 स्वस्थ हो गये हैं. इस समय एक्टिव केस 12126 हैं.

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मुख्य बातें :- 

  • राज्य भर में 82743 सैंपल की जांच

  • 1.82 फीसदी संक्रमित मिले

  • रांची से 286 संक्रमित मिले व 696 ठीक हुए

  • जमशेदपुर से सर्वाधिक 301

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कहां कितने संक्रमित मिले : जमशेदपुर से सर्वाधिक 301, बोकारो से 20, चतरा से दो, देवघर से 26,धनबाद से 57, दुमका से 12,गढ़वा से पांच,गिरिडीह से नौ, गोड्डा से 89, गुमला से 14, हजारीबाग से 56, जामताड़ा से दो, खूंटी से 50, कोडरमा से 114,लातेहार से तीन, लोहरदगा से 139, पाकुड़ से सात, पलामू से 24, रामगढ़ से 34, रांची से 286,साहिबगंज से 30, सरायकेला से 85, सिमडेगा से 56 व प सिंहभूम से 87 संक्रमित मिले.

1806 स्वस्थ हुए : झारखंड में शुक्रवार को 1806 मरीज स्वस्थ हुए. रांची से सर्वाधिक 696, बोकारो से 93, देवघर से 39, धनबाद से 90, दुमका से 51, जमशेदपुर से 157, गढ़वा से 19, गिरिडीह से दो, गोड्डा से 37, गुमला से 35, हजारीबाग से 54, जामताड़ा से 16,खूंटी से एक, कोडरमा से 165, लातेहार से 42, लोहरदगा से 18, पलामू से 38, रामगढ़ से 50, साहिबगंज से 43, सरायकेला से 66, सिमडेगा से 31 तथा प. सिंहभूम से 63 मरीज शाामिल हैं, जिन्हें डिस्चार्ज किया गया.

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यही औसत रहा, तो 44 दिनों में दोगुनी होगी मरीजों की संख्या : झारखंड में मरीजों के दोगुने होने की दर 44.1 दिन हो गयी है. यानी संक्रमितों के मिलने का औसत यही रहा तो 44 दिनों में मरीजों की संख्या दोगुनी हो जायेगी. भारत का यह औसत 49.25 दिन है. वहीं झारखंड में रिकवरी रेट 84.26 फीसदी हो गयी है.

कोरोना टेस्ट को लेकर तीन लैब की जांच की गयी : उड़नदस्ता टीम के सदस्यों ने रैपिड एंटीजेन टेस्ट को लेकर राजधानी के तीन निजी लैब की जांच की. सदस्य मरीज बन कर पहुंचे और कोरोना जांच की जानकारी ली. जांच रिपोर्ट आधा घंटा में उपलब्ध कराने को कहा, लेकिन लैब संचालकों ने ऐसी जांच से इनकार किया. वहीं आरटीपीसीआर जांच से भी इनकार किया.

टीम के सदस्यों का कहना है कि जांच टीम गठित होने व जांच करने से संबंधित जानकारी की भनक पहले से लैब संचालकों को लग गयी है. इस कारण लैब संचालक पहले से सचेत हो गये. ज्ञात हो कि बिना अनुमति के कई लैब में कोरोना जांच की जाने की शिकायत मिली थी.

रिम्स में कोरोना की जांच के लिए लंबी लाइन खड़े-खड़े थक कर फर्श पर लेट जा रहे लोग : रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में कोरोना जांच के लिए लंबी लाइन लग रही है. स्क्रीनिंग सेंटर पर काेरोना की जांच के लिए सैंपल देने वालों को घंटों खड़ा रहना पड़ता है. बीमार होने व लंबी लाइन के कारण लोग खड़े-खड़े थक जा रहे हैं. सोमवार को कुछ ऐसा ही देखने को मिला. एक महिला अपने पति का रिम्स में इलाज कराने आयी थी, लेकिन डॉक्टरों ने लक्षण देखते हुए पहले कोरोना जांच कराने की सलाह दी.

महिला मरीज को लेकर स्क्रीनिंग सेंटर के सामने कतार मेें लग गयी. मरीज काफी देर तक खड़े रहने के कारण थक गया. इसके बाद वहीं फर्श पर महिला ने गमछा बिछाकर उन्हें लिटा दिया. करीब आधा-एक घंटा बाद जब उनका नंबर आया, तब सैंपल लिया गया.

एंटीजेन किट से जांच के लिए “550 से ज्यादा लेने पर निजी प्रयोगशाला पर कार्रवाई होगी : राज्य सरकार ने निजी प्रयोगशाला में रैपिड एंटीजेन किट से जांच कराने पर अधिकतम राशि 550 रुपये निर्धारित कर दी है. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी ने एक आदेश जारी कर कहा है कि वर्तमान में रैपिड एंटीजेन किट से जांच के लिए निजी प्रयोगशालाओं को आइसीएमआर एवं राज्य सरकार द्वारा अनुमति दी गयी है.

जारी आदेश में बताया गया है कि रैपिड एंटीजेन किट से निगेटिव सभी सिम्पटोमेटिक मरीजों की जांच आरटीपीसीआर से करना अनिवार्य है. संबंधित जिला के सिविल सर्जन इसकी मॉनिटरिंग करेंगे. आदेश में कहा गया है कि निजी प्रयोगशाला द्वारा जांच के लिए 550 रुपये से अधिक लेने पर कार्रवाई की जायेगी.

Post by : pritish sahay

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