रांची. विधानसभा के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर रहे झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका अध्यक्ष संघ ने सरकार से समझौते को अविलंब लागू करने की मांग की है. संघ ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि सरकार मांगों को जल्द पूरा नहीं करती है, तो विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनना बंद हो सकता है. प्रदेश कोषाध्यक्ष अनीता देवी केसरी ने सरकार की वादा खिलाफी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समझौते के वक्त कहा गया था कि अक्तूबर 2024 से यह लागू हो जायेगा. यह कैबिनेट में भी पास हुआ था. लेकिन समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया. इसे लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया था. धरना में प्रदेश अध्यक्ष अजीत प्रजापति, प्रदेश महासचिव प्रेमनाथ विश्वकर्मा सहित राज्यभर से सदस्य शामिल हुए.
क्या है संघ की मांगें :
रसोइया की 1000 प्रति माह वेतन वृद्धि, 10 माह की जगह 12 माह का वेतन, स्थायी नियमावली, रसोइया संयोजिका का न्यूनतम वेतनमान लागू करने, 60 साल की उम्र की बाध्यता नियमावली तैयार होने तक शिथिल करने, सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा पीएफ-ग्रेच्युटी लागू करने आदि शामिल है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
