पत्थरबाजी मामले में कांग्रेस ने दर्ज कराई FIR, बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू समेत 15 नेता नामजद

रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए हमले को लेकर पार्टी ने भाजपा नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. इस घटना में कई लोग घायल हुए थे. पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है.


रांची से अरविंद सिंह की रिपोर्ट

Ranchi News: भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थरबाजी, अंडे, टमाटर और बोतल फेंके जाने की घटना ने अब कानूनी रूप ले लिया है. गुरुवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अरगोड़ा थाना पहुंचकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से हमला किया, जिससे कई कांग्रेस कार्यकर्ता, पत्रकार और पुलिसकर्मी घायल हो गए.

100 अज्ञात कार्यकर्ताओं पर भी मामला

कांग्रेस की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में भाजपा के 15 नेताओं को नामजद किया गया है, जबकि करीब 100 अज्ञात भाजपा कार्यकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान अंडे, पानी से भरी बोतलें, शीशे की बोतलें, पत्थर और डंडों का इस्तेमाल कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया. कांग्रेस का दावा है कि इस हिंसक घटना में कई लोग घायल हुए, जिनमें पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा मौके पर मौजूद पत्रकार और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.

इन नेताओं को बनाया गया नामजद आरोपी

एफआईआर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के निर्देश पर मौजूद बताए गए भाजपा नेता प्रत्यूष सहदेव, अशोक बड़ाईक, योगेंद्र प्रताप सिंह, शशांक राज, रवि मुंडा, वरुण साहू, संजय महतो, वार्ड-41 की पार्षद नीलम चौधरी, सत्यनारायण सिंह, भाजपा कार्यसमिति सदस्य रमेश सिंह, संजय जायसवाल समेत अन्य नेताओं के नाम शामिल किए गए हैं. कांग्रेस का आरोप है कि इन नेताओं की मौजूदगी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों पर हमला किया और पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया.

'लोकतांत्रिक आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिश'

अरगोड़ा थाना के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए रांची युवा महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा ने कहा कि कांग्रेस छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रही थी. उनका आरोप है कि भाजपा ने इस आंदोलन को बदनाम करने और उसका स्वरूप बदलने की कोशिश की. उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता पहले से ही हाथों में पत्थर लेकर मौजूद थे और जैसे ही प्रदर्शन आगे बढ़ा, उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला शुरू कर दिया. कुमार राजा ने कहा कि घटना के दौरान कई भाजपा नेता अपने मोबाइल फोन से लाइव प्रसारण करते हुए भी दिखाई दिए और उसी दौरान पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं.

वीडियो को बनाया गया साक्ष्य

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया और मोबाइल फोन में रिकॉर्ड हुए हैं. पार्टी ने इन्हीं वीडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में पुलिस को उपलब्ध कराया है. कांग्रेस का दावा है कि वीडियो फुटेज से स्पष्ट हो जाएगा कि किसने पत्थरबाजी की और किसकी भूमिका क्या थी. पार्टी ने पुलिस से मांग की है कि वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

बंधु तिर्की ने निष्पक्ष जांच की मांग की

कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने कहा कि इस घटना में केवल कांग्रेस कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि कई पत्रकार और पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की मौजूदगी में हिंसा हुई और जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है. उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और जांच एजेंसियों को बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए.

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पुलिस करेगी आरोपों की जांच

अरगोड़ा थाना में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है. अब पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की जांच करेगी. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना की शुरुआत कैसे हुई, हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार था और किन लोगों की भूमिका सामने आती है. इस बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच यह विवाद राज्य की राजनीति में एक नया टकराव बनकर उभर आया है.

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By Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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