रांची. प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत दावा-आपत्ति और सुनवाई की अवधि कम से कम एक माह बढ़ाने की मांग की है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार की अनुपस्थिति में कांग्रेस नेताओं ने एडिशनल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार को मांगपत्र सौंपा.
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद जारी नोटिस की तुलना में अब तक हुई सुनवाई की संख्या काफी कम है. कांग्रेस के अनुसार धनबाद में 4,45,901 नोटिस जारी हुए हैं, जबकि अब तक केवल 36,381 मामलों की सुनवाई पूरी हुई है.
ग्राम सभाओं में फिर पढ़ी जाए ड्राफ्ट मतदाता सूची
कांग्रेस ने 15 अगस्त को ग्राम सभाओं में ड्राफ्ट मतदाता सूची पढ़कर सुनाये जाने की प्रक्रिया दोबारा कराने की मांग की. नेताओं का कहना है कि कई स्थानों पर नोटिस प्राप्त मतदाताओं को घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी सुनवाई के बिना लौटना पड़ रहा है. पार्टी ने मांग की कि एक दिन में उतने ही लोगों को बुलाया जाये, जितनों की सुनवाई उसी दिन संभव हो.
फॉर्म-6 और फॉर्म-7 को लेकर भी मांग
कांग्रेस ने फॉर्म-7 के तहत प्राप्त आपत्तियों के राजनीतिक दलवार आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की. साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या एक अक्तूबर 2026 तक 18 वर्ष के होने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फॉर्म-6 की समय सीमा बढ़ाने की मांग की.
कांग्रेस के अनुसार अब तक करीब 4.39 लाख आवेदन मिले हैं, जबकि अनुमान के मुताबिक यह संख्या 20 लाख से अधिक होनी चाहिए. पार्टी ने फॉर्म-7 के प्रत्येक मामले में नाम हटाने के प्रस्तावित व्यक्ति और आवेदन करने वाले व्यक्ति, दोनों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देने की मांग भी की.
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, उपाध्यक्ष डॉ राजेश गुप्ता, सतीश पाल मुंजनी, लालकिशोर नाथ शाहदेव, सूर्यकांत शुक्ला और संजय कुमार शामिल थे.
