Video : JSSPS की प्रशिक्षु खिलाड़ी की मौत पर साथी हुए उग्र, प्रर्दशन में पुलिस ने बरसायी लाठियां

प्रशिक्षु की तबीयत दो दिन से खराब थी. इधर, देर शाम तक जेएसएसपीएस के अन्य प्रशिक्षुओं को अंजलि की मौत की सूचना नहीं दी गयी.

झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएसपीएस) की प्रशिक्षु एथलीट अंजली उरांव की रविवार को मौत हो गयी. लोहरदगा की रहनेवाली इस प्रशिक्षु की तबीयत दो दिन से खराब थी. इधर, देर शाम तक जेएसएसपीएस के अन्य प्रशिक्षुओं को अंजलि की मौत की सूचना नहीं दी गयी. जब उन्हें सच्चाई का पता चला, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा. वे सड़क पर उतर आये और जेएसएसपीएस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी और प्रदर्शन करने लगे. इन खिलाड़ियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया. देर रात प्रशिक्षु खिलाड़ी रिम्स के समीप सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे. खिलाड़ियों ने बताया कि चौथे बैच की प्रशिक्षु खिलाड़ी अंजलि दो दिन से बीमार थी.

लेकिन, जेएसएसपीएस प्रशासन ने उसे किसी विशेष डॉक्टर को नहीं दिखाया, बल्कि हॉस्टल में ही उसका इलाज चल रहा था. रविवार सुबह तबीयत ज्यादा बिगड़ गयी, तो उसे सीसीएल के गांधीनगर अस्पताल ले जाया जाने लगा, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया. पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर लोहरदगा चले गये. शाम को जब पूरे घटन की सूचना मिली तो सभी प्रशिक्षु खिलाड़ी हॉस्टल की दीवार फांद कर बाहर निकल गये. इन लोगों ने पहले खेलगांव मोड़ पर जेएसएसपीएस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और इसके बाद बूटी मोड़ की ओर निकल गये. खिलाड़ियों के बूटी मोड़ के पास जमा होने की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गयी. पुलिस पदाधिकारियों ने प्रशिक्षुओं को समझाया और हॉस्टल लौट जाने का आग्रह किया.

लेकिन, खिलाड़ी जेएसएसपीएस के सीइओ से बात कराने की मांग कर रहे थे. बूटी मोड़ पर ही 10 मिनट से अधिक समय तक प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद 300 से अधिक खिलाड़ी पैदल ही रिम्स की ओर चल पड़े. लेकिन, रिम्स पहुंचने से पहले ही इन खिलाड़ियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर वापस भेजने का प्रयास किया. खिलाड़ी इतने गुस्से में थे कि वे रुके नहीं और चेशायर होम रोड होते हुए रिम्स पहुंच गये. यहां इन लोगों ने बरियातू थाने के सामनेवाली सड़क जाम कर दी.पुलिस ने भीड़ को यहां से हटाने के लिए यहां भी लाठीचार्ज किया, जिसमें वेटलिफ्टिंग की खिलाड़ी प्रेमलता, स्मृति, बॉक्सिंग के प्रीतम, कुश्ती के अमित लोहरा और फुटबॉल के सुनील को चोट लगी है. इसके बाद भी खिलाड़ी देर रात तक सड़क पर जमे हुए थे. खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि उन्हें सच नहीं बताया गया था. उन्हें कहा गया कि अंजली अभी जिंदा है. खिलाड़ियों का आरोप था कि उनका प्रदर्शन जेएसएसपीएस प्रशासन के लोगों के झूठ के खिलाफ है. वहीं, जेएसएसपीएस एलएमसी के सीइओ जीके राठौड़ ने कहा कि बहुत दुखद घटना है. ऐसा नहीं होना चाहिए था. जांच कर पता लगाया जायेगा कि प्रशिक्षु के इलाज में लापरवाही कहां हुई है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Raj Lakshmi

Reporter with 1.5 years experience in digital media.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >