झारखंड में जनजातीय भाषाओं का पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए बनी कमेटी

राज्य सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में इंटरमीडिएट और मैट्रिक स्तर की परीक्षाओं के आयोजन के लिए जिलावार चिह्नित क्षेत्रीय व जनजातीय भाषाओं के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार करने का निर्णय लिया है.

Dhanbad News: राज्य सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में इंटरमीडिएट और मैट्रिक स्तर की परीक्षाओं के आयोजन के लिए जिलावार चिह्नित क्षेत्रीय व जनजातीय भाषाओं के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार करने का निर्णय लिया है. इसके लिए राज्य सरकार ने डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान, रांची के निदेशक डॉ रणेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गयी. इसमें भाषाविदों/शिक्षाविदों को रखा गया है.

विभाग ने जारी की अधिसूचना

कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा द्वारा जारी अधिसूचना/गजट के मुताबिक इस कमेटी के अध्यक्ष डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान के निदेशक होंगे. इसके अलावा संताली भाषा विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ केसी टुडू, रांची विवि के विभागाध्यक्ष ओड़िया भाषा के डॉ हरि उरांव, डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान के सेवानिवृत्त सहायक निदेशक डॉ सोमा सिंह मुंडा, रांची विवि के कुरमाली भाषा के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ एचएन सिंह, रांची वीमेंस कॉलेज (अब रांची विवि पीजी) नागपुरिया भाषा की डॉ सविता केसरी, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि के खोरठा विभाग के डॉ विनोद कुमार, रांची विवि बांग्ला विभाग की डॉ निवेदिता सेन, रांची विवि उर्दू विभाग के डॉ जमशेद कमर को बतौर सदस्य शामिल किया गया है.

विशेषज्ञों को बैठक में आमंत्रित करने की छूट

कमेटी को आवश्यकतानुसार क्षेत्रीय/जनजातीय भाषा विशेषज्ञों को बैठक में आमंत्रित करने की छूट दी गयी है. कमेटी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित की जानेवाली स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षाओं में पेपर टू में शामिल क्षेत्रीय/जनजातीय भाषाओं के लिए पूर्व निर्धारित पाठ्यक्रम में समरूपता का मूल्यांकन/समीक्षा कर अपेक्षित सुझाव/अनुशंसा कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग को देनी है.

महिला कॉलेज लोहरदगा में पानी की तलाश करेंगे आइआइटी एक्सपर्ट

रांची विश्वविद्यालय अंतर्गत लोहरदगा में महिला कॉलेज बने तीन साल से अधिक हो गये हैं, लेकिन अब तक वहां पानी की व्यवस्था नहीं हो पायी है. पानी के लिए कई बार बोरिंग का प्रयास किया गया, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली. अब विवि प्रशासन आइएसएम धनबाद से एक्सपर्ट बुलाने की तैयारी में है, जो जमीन के अंदर पानी की खोज करेंगे. ताकि, कॉलेज में पानी की व्यवस्था हो सके. इसके लिए विवि के पदाधिकारी भी एक से दो दिन में लोहरदगा जायेंगे. रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि लोहरदगा महिला कॉलेज में पानी की तलाश के लिए आइएसएम के हाइड्रो जियोलॉजिस्ट को बुलाया जायेगा. वे कॉलेज जाकर अपनी तकनीक से कैंपस में पानी की तलाश करेंगे, जिससे कि कॉलेज में पानी की व्यवस्था हो सके. कुलपति ने कहा कि इन्हीं सब कारणों से कॉलेज के संचालन में परेशानी हो रही है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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