रांची. कोल इंडिया लिमिटेड अपने कर्मचारियों को वैधानिक दक्षता प्रमाणपत्र (स्टैच्युटरी कंपीटेंसी सर्टिफिकेट) और उच्च तकनीकी शिक्षा प्रमाणपत्र हासिल करने पर एक लाख रुपये का प्रोत्साहन देगा. प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को संबंधित पदों पर तैनाती का अवसर भी दिया जायेगा. कोल इंडिया बोर्ड की 493वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया है और आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.
इन प्रमाणपत्रों पर मिलेगा लाभ
बोर्ड के निर्णय के अनुसार विद्युत पर्यवेक्षक प्रमाणपत्र (भूमिगत एवं खुली खदानों के लिए), सरदार दक्षता प्रमाणपत्र (अप्रतिबंधित) और खानों के लिए मान्य सर्वेयर प्रमाणपत्र हासिल करने वाले कर्मचारियों को योजना का लाभ मिलेगा. जिन कर्मचारियों के पास ये प्रमाणपत्र पहले से मौजूद हैं, वे भी इसके दायरे में होंगे. ऐसे कर्मचारियों को संबंधित डिग्री दो महीने के भीतर कंपनी के पास जमा करनी होगी.
बीटेक और एमटेक वालों को भी मिलेगा लाभ
बैचलर इन इंजीनियरिंग, बीटेक और एमटेक जैसी उच्च तकनीकी योग्यता रखने वाले कर्मचारी भी वैधानिक दक्षता प्रमाणपत्र प्राप्त कर योजना का लाभ ले सकेंगे. इसमें विद्युत अभियांत्रिकी और खनन अभियांत्रिकी से संबंधित उच्च योग्यता रखने वाले कर्मचारी शामिल होंगे.
योग्यता के आधार पर पद पर चयन या तैनाती के बाद यदि कोई कर्मचारी कार्यभार ग्रहण करने से इनकार करता है, तो उससे दी गयी प्रोत्साहन राशि वापस वसूल की जायेगी. प्रोत्साहन राशि के भुगतान की प्रविष्टि कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में भी दर्ज की जायेगी.
प्रमाणपत्र के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलायेंगे एचआरडी
कोल इंडिया की कंपनियों के मानव संसाधन विकास विभाग कर्मचारियों को वैधानिक दक्षता प्रमाणपत्र हासिल करने में मदद के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलायेंगे. इससे कर्मचारियों को संबंधित प्रमाणपत्र के लिए आवश्यक तैयारी में सहायता मिलेगी.
