CIP Ranchi, रांची, (मनोज कुमार सिंह की रिपोर्ट): झारखंड की राजधानी रांची के कांके स्थित देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय मनोरोग संस्थान (CIP) के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर संस्थान के विकास को लेकर एक बड़ी घोषणा की गई है. समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं भारत सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) डॉ. सुनिता शर्मा ने बताया कि सीआइपी को ‘रिजनल सेंटर फॉर एक्सलेंस’ (Regional Centre for Excellence) बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है. उन्होंने जानकारी दी कि भारत सरकार के कैबिनेट से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आधिकारिक अनुमति मिल गई है, जिसके बाद अब इस दिशा में धरातल पर काम की रफ्तार तेज कर दी गई है.
पहली बार CIP पहुंचीं महानिदेशक
पहली बार सीआइपी रांची के दौरे पर आईं स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनिता शर्मा ने संस्थान के ऐतिहासिक और हरे-भरे परिसर की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि संस्थान का परिसर बेहद शानदार और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर है. यहां मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधुनिक शोध, उन्नत इलाज और अकादमिक स्तर पर काम करने की असीम संभावनाएं मौजूद हैं. केंद्र सरकार की इस नई मंजूरी के बाद सीआइपी पूर्वी भारत में मनोरोग चिकित्सा और अनुसंधान का एक बेहद आधुनिक और अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगा.
न्यूरो साइंस के नजरिए से दिमाग को समझने की जरूरत: डॉ. राज कुमार
समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) के निदेशक डॉ. राज कुमार ने आधुनिक युग में मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों पर अपनी बात रखी. उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान दौर में मनोरोग को एक बिल्कुल नए वैज्ञानिक नजरिए से देखने और समझने की जरूरत है. न्यूरो साइंस (Neuroscience) के बढ़ते प्रभाव के साथ अब दिमाग की जटिल कार्यप्रणाली को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है. उन्होंने बताया कि मनोचिकित्सा के क्षेत्र में इलाज के कई नए-नए स्वरूप और आधुनिक थेरेपी सामने आ रही हैं, जिससे मरीजों का सटीक इलाज संभव हो रहा है.
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कम्युनिटी को ही मनोरोग के इलाज का केंद्र बनाने पर विचार
समारोह के दौरान आयोजित तकनीकी सत्र (Technical Session) में रिम्स के मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. अजय बाखला ने देश में मनोरोग की वर्तमान स्थिति और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं पर एक विस्तृत शोधपरक रिपोर्ट प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि समय के साथ मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियां दूर हो रही हैं और चिकित्सा पद्धतियों में कई बड़े एवं सकारात्मक बदलाव आए हैं. इस तकनीकी सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने एक बेहद महत्वपूर्ण और नई तकनीक पर विचार साझा किया, जिसमें ‘कम्युनिटी’ (समुदाय/समाज) को ही मनोरोग के इलाज का मुख्य केंद्र के रूप में विकसित करने की वकालत की गई.
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया अतिथियों का स्वागत
स्थापना दिवस के इस गरिमामयी कार्यक्रम की शुरुआत में सीआइपी के निदेशक डॉ. वी.के. चौधरी ने मुख्य अतिथि सहित सभी आगंतुक चिकित्सा विशेषज्ञों और अतिथियों का स्वागत किया. कार्यक्रम के सफल समापन पर डॉ. सुनील सूर्यवंशी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर सभी के प्रति आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर संस्थान के कई वरिष्ठ चिकित्सक, शोधार्थी और चिकित्सा छात्र मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
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