Jharkhand Crime News : फरार नक्सली मोने तियु के खिलाफ चार्जशीट दायर

एनआइए की जांच में यह बात सामने आयी है कि सीपीआइ (माओवादी) का एक सशस्त्र नक्सली मोने तियू उक्त आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए गठित विशेष कार्रवाई दल का हिस्सा था.

Jharkhand Crime News : पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर चार जनवरी 2022 को पश्चिमी सिंहभूम के झिलुरुआ हाइस्कूल में हुए हमला और इनके दो सरकारी अंगरक्षकों की हत्या मामले में एनआइए ने नक्सली मोने तियु उर्फ मोने दादा उर्फ मोने तियु अंगरिया के खिलाफ रांची कोर्ट में चार्जशीट दायर किया है.

मोने पश्चिमी सिंहभूम जिले का रहने वाला है. वर्तमान में वह फरार है. मोने के खिलाफ चार्जशीट आइपीसी, यूए (पी) अधिनियम और शस्त्र की विभिन्न धाराओं के तहत की गयी है. इस मामले को एनआइए ने 30 जून 2022 को (आरसी 03/2022/एनआइए/आरएनसी) दर्ज किया था.

विशेष कार्रवाई दल का हिस्सा था मोने तियू

एनआइए की जांच में यह बात सामने आयी है कि सीपीआइ (माओवादी) का एक सशस्त्र नक्सली मोने तियू उक्त आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए गठित विशेष कार्रवाई दल का हिस्सा था.

Also Read : झारखंड : जेल में बंद नक्सली मोनू तियू को रिमांड पर लेगी NIA, लापुंग हमला मामले में प्राथमिकी दर्ज

उसने और उसके सहयोगी आरोपियों ने पूर्व विधायक के एक अंगरक्षक की सर्विस इंसास राइफल लूट ली थी. वहीं अपराध को अंजाम देने के दौरान उसकी और एक अन्य पुलिसकर्मी की हत्या कर दी थी. हमले में पूर्व विधायक बाल-बाल बच गये थे.

गैंगरेप केस के सजायाफ्ता की बेल पर सुनवाई पूरी

झारखंड हाइकोर्ट ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, कांके की छात्रा से गैंग रेप मामले के सजायाफ्ता राजन उरांव की ओर से दायर क्रिमिनल अपील याचिका के तहत जमानत पर सुनवाई की. इस दाैरान प्रार्थी की ओर से सजा को निलंबित रखते हुए जमानत देने का आग्रह किया गया. मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया.

Also Read : नक्सलियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई, चाईबासा के प्रभावित इलाके में CRPF और कोबरा बटालियन का सर्च अभियान जारी

राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता भोला नाथ ओझा ने बताया कि अब मामले में 9 अप्रैल को फैसला आयेगा. उल्लेखनीय है कि रांची के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा से गैंगरेप मामले में 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी.

अफसर अली की जमानत याचिका पर सुनवाई 12 को

झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने बरियातू स्थित सेना के कब्जेवाली 4.55 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में आरोपी अफसर अली की ओर से दायर जमानत याचिका पर आंशिक सुनवाई की. मामले की अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होगी. पिछली सुनवाई में अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (इडी) से अफसर अली की गिरफ्तारी में अपनायी गयी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी मांगी थी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >