DSPMU में UG नामांकन का एक और मौका, 15 विषयों की खाली सीटों के लिए 15 सितंबर से खुलेगा चांसलर पोर्टल

रांची के डीएसपीएमयू में यूजी के 15 विषयों में रिक्त सीटों के लिए 15 सितंबर से चांसलर पोर्टल फिर से खुलेगा। छात्र ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा कर सकते हैं।

रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में चार वर्षीय स्नातक (UG) सत्र 2026-30 के तहत 15 विषयों में कई सीटें रिक्त रह गयी हैं. इन रिक्त सीटों पर नामांकन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन 15 सितंबर से दोबारा चांसलर पोर्टल खोलने का निर्णय लिया है. इच्छुक विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन कर नामांकन ले सकेंगे.

जिन विषयों में सीटें रिक्त हैं, उनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, हो, फिशरी साइंस, इंटीग्रेटेड फिजिक्स, कत्थक डांस, खड़िया, खोरठा, कुरमाली, मुंडारी, म्यूजिक, पंच परगनियां, संस्कृत, संताली, विजुअल आर्ट पेंटिंग और यौगिक साइंस शामिल हैं.

सीट भरते ही बंद हो जायेगा पोर्टल

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार संबंधित विषय की सीटें भर जाने के बाद चांसलर पोर्टल को बंद कर दिया जायेगा. इसलिए विद्यार्थियों को सलाह दी गयी है कि वे सीट उपलब्ध रहने के दौरान ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लें.

नामांकन के लिए ऑनलाइन शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा. आवेदन और शुल्क जमा करने के बाद विद्यार्थियों को उसका प्रिंट निकालकर सुरक्षित रखने की सलाह दी गयी है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके.

विद्यार्थियों के लिए जरूरी: आवेदन करने से पहले संबंधित विषय में सीट की उपलब्धता की जानकारी अवश्य देख लें और आवेदन व शुल्क जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रसीद/प्रिंट सुरक्षित रखें.

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By Sanjeev kumar

संजीव कुमार सिंह, वर्तमान में प्रभात खबर, रांची में विशेष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं. वह 14 वर्षों (2005 से 2019) तक प्रभात खबर रांची में मुख्य संवाददाता रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 29 वर्षों का अनुभव है. लंबे पत्रकारिता जीवन में मैंने खोजी, विश्लेषणात्मक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर अनेक महत्वपूर्ण रिपोर्टें प्रकाशित की हैं. प्रभात खबर द्वारा बेस्ट रिपोर्टर का अवार्ड भी दिया गया. इनकी विशेष पहचान झारखंड के उच्च शिक्षा तंत्र, विश्वविद्यालयों, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी नियुक्तियों व प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग के लिए रही है. झारखंड लोक सेवा आयोग के गठन के बाद सिविल सेवा, व्याख्याता, इंजीनियर, जैसी नियुक्तियों में गड़बड़ी को उजागर किया.

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