दिनेश पांडेय की रिपोर्ट
खलारी (रांची). विश्रामपुर मौजा के जेहलीटांड़ निवासी दुलार गंझू के घर के निकट भू-धंसान के बाद गुरुवार को सीसीएल एनके एरिया के महाप्रबंधक अमिताभ कुमार तिवारी के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रबंधन टीम घटनास्थल पर पहुंची.केडीएच परियोजना पदाधिकारी बिमल कुमार ने डोजर मशीन से भू-धंसान से बने गड्ढे को भरवाया.
रैयतों से खदान विस्तारीकरण में सहयोग की अपील
इसके बाद प्रबंधन टीम ने दुलार गंझू के आवास पर ग्रामीणों और विस्थापित नेताओं के साथ केडीएच खदान विस्तारीकरण के लिए चल रही विस्थापन प्रक्रिया पर चर्चा की.महाप्रबंधक ने कोल इंडिया के नियमों का हवाला देते हुए रैयतों से खदान विस्तारीकरण में सहयोग की अपील की. इस पर विस्थापित नेताओं और रैयतों ने भी प्रबंधन को सहयोग का भरोसा दिया.सुरक्षा को देखते हुए महाप्रबंधक ने दुलार गंझू के पुत्र दामोदर गंझू को परिवार सहित सीसीएल क्वार्टर में शिफ्ट करने का प्रस्ताव दिया.
शिफ्ट होने से पहले मुआवजा भुगतान की मांग
दामोदर गंझू ने शिफ्ट होने से पहले मुआवजा भुगतान की मांग रखी. मुआवजा भुगतान में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए जल्द जिला कलेक्टर से मिलने का निर्णय लिया गया.बैठक में अधिग्रहित भूमि से संबंधित विश्रामपुर पंचायत के रैयतों की जमीन और दस्तावेजों की भौतिक जांच प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी सहमति बनी.मालूम हो कि एनके एरिया की केडीएच खदान के विस्तारीकरण के लिए विश्रामपुर और करकट्टा मौजा का अधिग्रहण किया जा चुका है.
अधिग्रहित भूमि खाली कराने में भी परेशानी
दोनों मौजा में अधिग्रहित भूमि के रैयतों को कोल इंडिया की आरएंडआर नीति के तहत मुआवजा और पुनर्वास का लाभ देने की प्रक्रिया में कई तरह की अड़चनें आ रही हैं. वहीं गैरमजरुआ और वनभूमि पर बसे लोगों के घरों का मुआवजा देकर अधिग्रहित भूमि खाली कराने में भी परेशानी हो रही है.मौके पर एसओ सिविल चंद्रशेखर सिंह, एरिया सेफ्टी ऑफिसर नितीश झा, एसओ एलएंडआर निशांक प्रकाश, सुनील सिंह सहित अन्य अधिकारी तथा रैयतों और विस्थापित नेताओं में जालिम सिंह, विनय खलखो, दामोदर गंझू, बैजनाथ गंझू, प्रभाकर गंझू, सोमरा गंझू आदि उपस्थित थे.
