रांची. सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने नियम व शर्तों का पालन नहीं करने और परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा नहीं करने के मामले में ठेका फर्म एमएस एसएइ इम्पीरियल होल्डिंग के खिलाफ कार्रवाई की है. सीसीएल ने फर्म को एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है. फर्म के व्यक्तिगत पार्टनर्स सक्रित वर्मा और अंकिता वर्मा को भी 12 माह के लिए डिबार किया गया है.
एक लाख टन कोयले की लोडिंग-परिवहन का मिला था काम
एसएइ इम्पीरियल होल्डिंग को रजरप्पा ओ/सी प्रोजेक्ट में एक लाख टन कोयले की लोडिंग और परिवहन का काम दिया गया था. इसके लिए सीसीएल की ओर से 27 जून 2026 को लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किया गया था.
अनुबंध की शर्तों के अनुसार, फर्म को एसओए जारी होने के 21 दिनों के भीतर निर्धारित परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राशि जमा करनी थी. इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत काम शुरू किया जाना था.
कई पत्र और दो बार कारण बताओ नोटिस जारी
सीसीएल प्रबंधन के अनुसार, साइट हैंडओवर करने के बाद फर्म को काम शुरू करने और अनुबंध की शर्तों का पालन करने के संबंध में कई पत्र और रिमाइंडर भेजे गये. इसके अलावा फर्म को दो बार कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया.
फर्म की ओर से काम शुरू नहीं करने के पीछे स्थानीय बाधाओं का हवाला दिया गया. हालांकि, सीसीएल के अनुसार इन दावों के समर्थन में कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया.
व्यक्तिगत सुनवाई में भी प्रतिनिधि नहीं हुआ शामिल
सीसीएल के अनुसार, फर्म को अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई के अवसर भी दिये गये थे, लेकिन इनमें फर्म का कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ. इसके बाद कंपनी ने उपलब्ध तथ्यों और अनुबंध की शर्तों के आधार पर फर्म को एक साल के लिए प्रतिबंधित करने और उसके दोनों व्यक्तिगत पार्टनर्स को 12 माह के लिए डिबार करने का निर्णय लिया.
