ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को नहीं मिलेगा 4जी ई-पॉश मशीन का काम

पिछले तीन साल में ब्लैकलिस्ट रही कंपनी को 4जी ई-पॉश मशीन का काम नहीं मिलेगा.

रांची. पिछले तीन साल में ब्लैकलिस्ट रही कंपनी को 4जी ई-पॉश मशीन का काम नहीं मिलेगा. इसको लेकर निविदा में हिस्सा लेने वाली संबंधित कंपनी को प्रमाणित करना होगा कि पिछले तीन वर्षों में भारत में किसी भी केंद्र सरकार, राज्य सरकार, पीएसयू या बैंक के द्वारा ब्लैकलिस्ट नहीं किया गया है. खाद्य आपूर्ति विभाग ने पूर्व में 4जी ई-पॉश मशीन की खरीद को लेकर निकाली गयी निविदा में संशोधन करते हुए इस शर्त को जोड़ा है. इसके अलावा भी निविदा शर्त में कई बदलाव किये गये हैं. इसके तहत अब कंपनी को 4जी ई-पॉश मशीन के साथ एक अतिरिक्त चार्जर देने की शर्त को समाप्त कर दिया गया है. साथ ही निविदा की अंतिम तिथि को 13 अगस्त से बढ़ाकर 18 अगस्त कर दी गयी है. सरकार ने जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और इसका लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने को लेकर राज्य सरकार ने 25280 पीडीएस डीलरों को आधार आधारित बायोमीट्रिक 4जी ई-पॉश मशीन उपलब्ध कराने के लिए प्रक्रिया शुरू की है. सरकार इसके तहत 178 करोड़ की लागत से 4जी ई-पॉश मशीन की खरीद करेगी. 2जी ई-पॉश मशीन से हो रही परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है. इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 100 करोड़ रुपये व्यय का प्रस्ताव रखा गया है. पीडीएस डीलरों की ओर से लगातार सरकार को पत्र लिखकर 4जी ई-पॉश मशीन उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है. इनका कहना था कि 2जी ई-पॉश मशीन आउटडेटेड हो गयी है. नेटवर्क व सर्वर की समस्या से लाभुकों के बीच अनाज वितरण में परेशानी हो रही है. एक-एक लाभुक को अनाज देने की प्रक्रिया में काफी समय लग रहा है. ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण कई बार लाभुकों को बिना अनाज के वापस होना पड़ता है.

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Published by: Praveen

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