रांची से अरविंद सिंह की रिपोर्ट
Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. महागठबंधन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के नेताओं ने अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दिया है. राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए का प्रमुख घटक दल भाजपा ने कमर कस लिया है. पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 5 जून को रांची में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में झारखंड भाजपा के सभी 21 विधायक शामिल होंगे. राज्यसभा चुनाव को देखते हुए यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
बैठक में संगठन की एकजुटता पर होगी चर्चा
पार्टी सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायक दल की बैठक के दौरान राज्यसभा चुनाव की रणनीति, मतदान की प्रक्रिया और पार्टी की आगे की राजनीतिक रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. साथ ही विधायकों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा सकते हैं ताकि चुनाव के दौरान संगठनात्मक एकजुटता बनी रहे.
चुनावी रणनीति पर रहेगा फोकस
भाजपा नेतृत्व राज्यसभा चुनाव को लेकर कोई भी चूक नहीं करना चाहता. यही वजह है कि पार्टी विधायकों के साथ अलग-अलग स्तर पर संवाद स्थापित कर रही है. विधायक दल की बैठक में चुनावी गणित, संभावित समर्थन और राजनीतिक परिस्थितियों का भी आकलन किया जाएगा. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस चुनाव को केवल एक सीट के चुनाव के रूप में नहीं, बल्कि संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के अवसर के तौर पर भी देख रही है. इसलिए पार्टी की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
भाजपा अध्यक्ष का झारखंड दौरा भी महत्वपूर्ण
विधायक दल की बैठक के अगले दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय झारखंड दौरे पर पहुंचेंगे. उनके दौरे को भी राज्यसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. उनके झारखंड दौरे के दौरान संगठनात्मक बैठकों और नेताओं के साथ चुनावी चर्चा की संभावना जताई जा रही है. इससे कार्यकर्ताओं और विधायकों का मनोबल बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा.
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बहुमत नहीं, फिर भी मैदान में भाजपा
राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलकों में सबसे अधिक चर्चा इस बात की हो रही है कि भाजपा के पास जीत के लिए आवश्यक बहुमत का आंकड़ा नहीं है, फिर भी पार्टी ने चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है. ऐसे में, राजनीतिक गलियारों में भाजपा की रणनीति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. अब सभी की निगाहें 5 जून को होने वाली विधायक दल की बैठक पर टिकी हैं, जहां से राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा की आगे की रणनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है.
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