JMM के बयान पर BJP का पलटवार, प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी बोले, झारखंड में छत्तीसगढ़ से भी बड़ा शराब घोटाला

झारखंड बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि हेमंत सरकार को योगेंद्र तिवारी का भूत कुछ दिन पहले से ही परेशान करने लगा था, जिसके कारण झामुमो की बौखलाहट बढ़ गयी है. झारखंड का शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से भी बड़ा साबित होगा.

रांची: झामुमो के केंद्रीय महासचिव के बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है. प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि योगेंद्र तिवारी की गिरफ्तारी से राज्य सरकार के सत्ता संपोषित भ्रष्टाचार की कई परतें खुलेंगी. योगेंद्र तिवारी भी प्रेम प्रकाश सहित अन्य सत्ता के दलालों की तरह ही भ्रष्टाचार का सरगना है, जिससे इडी की पूछताछ में कई राज खुलेंगे. योगेंद्र तिवारी द्वारा कई मेल-मैसेज डिलीट किया जाना भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होने का ही संकेत करता है. सवाल उठ रहे हैं कि आखिर तीन साढ़े तीन वर्षों से राज्य सरकार ने योगेंद्र तिवारी पर मुकदमा दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की?

झामुमो की बढ़ी बौखलाहट

बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि हेमंत सरकार को योगेंद्र तिवारी का भूत कुछ दिन पहले से ही परेशान करने लगा था, जिसके कारण झामुमो की बौखलाहट बढ़ गयी है. झारखंड का शराब घोटाला, छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से भी बड़ा साबित होगा. उन्होंने कहा कि झामुमो योगेंद्र तिवारी मामले में एसआइटी गठित करने से पहले एफआइआर दर्ज करने की मांग क्यों नहीं करता है?

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झामुमो की प्रेसवार्ता पर क्या बोले प्रतुल शाहदेव

इधर, प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि झामुमो की प्रेसवार्ता देख कर आज उस पुराने टेप रिकॉर्डर की याद आ गयी, जिसका कैसेट फंस जाता था और बार-बार एक ही आवाज निकलती थी. श्री शाहदेव ने कहा कि भाजपा शुरू से कहती आ रही है कि योगेंद्र तिवारी के मामले में एसआइटी का गठन किया जाये. इस पर भी जांच हो कि आखिर सत्ताधारी दल के किस बड़े नेता के आशीर्वाद से उन्हें पूरे प्रदेश में शराब के ठेका पर एकाधिकार मिल गया है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर खामोश रही है. पता नहीं कौन सी अदृश्य शक्ति योगेंद्र तिवारी को बचाने में लगी हुई थी. उन्होंने कहा कि भाजपा के बड़े नेताओं ने स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी है कि दशकों से उनके परिजनों का योगेंद्र तिवारी की कंपनी से कोई लेना-देना नहीं रहा है. लेकिन सवाल अभी भी वही है कि मौजूदा सिस्टम का कौन सा अदृश्य शक्तिशाली व्यक्ति सारे नियम कानून को ताक में रख कर योगेंद्र तिवारी को बढ़ाने में लगा हुआ है?

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By Prabhat khabar news desk

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