रांची से संजीव सिंह की रिपोर्ट
राज्य सरकार BIT मेसरा में अगले शैक्षणिक सत्र से झारखंड राज्य के विद्यार्थियों के लिए 50% सीट आरक्षित करना सुनिश्चित करायेगी. यह जानकारी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की अवर सचिव मंजू कुमारी की ओर से जारी पत्र में दी गयी है. पत्र में कहा गया है कि सरकार अगले सत्र से राज्य के विद्यार्थियों के लिए बीआइटी मेसरा की कुल सीटों की 50% सीट आरक्षित करना सुनिश्चित करायेगी. ऐसा ऑल इंडिया मेरिट में झारखंड के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर किया जायेगा. इस पर सम्यक विचार विमर्श के बाद निर्णय लिये जायेंगे. राज्य के विद्यार्थियों के लिए फिलहाल 50% आरक्षण खत्म कर दिया है.
जोसा के तहत राज्य के विद्यार्थियों के लिए 50% आरक्षण समाप्त किया गया
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में राज्य सरकार बीआइटी मेसरा में सभी नियमित कर्मियों को सहायता अनुदान देती है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत ज्वाइंट एलोकेशन अथॉरिटी (जोसा) 2026 के तहत संस्थान में राज्य के विद्यार्थियों के लिए 50% आरक्षण शैक्षणिक सत्र 2026-27 से समाप्त कर दिया गया. साथ ही अब नामांकन ऑल इंडिया मेरिट पर ही लिया जाने लगा.
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विधायक सुरेश कुमार बैठा ने भी मामले में विभाग से मांगी थी जानकारी
इधर बीआइटी मेसरा में झारखंड के विद्यार्थियों का कोटा समाप्त करने का कारण और भविष्य की योजना के संबंध में विधायक सुरेश कुमार बैठा ने भी उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी. विभाग ने बैठा को भी इसकी जानकारी उपलब्ध करा दी है.
राज्य सरकार के साथ समझौता समाप्त होने के बाद ऑल इंडिया कोटे से हुआ नामांकन
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में संस्थान के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में झारखंड के विद्यार्थियों के लिए पूर्व में लागू 50% होम-स्टेट कोटा का लाभ समाप्त हो गया है. बीआइटी मेसरा और झारखंड सरकार के बीच हुआ समझौता दो साल पहले समाप्त हो गया था. जिससे सरकार की तरफ से मिलनेवाला आर्थिक सहयोग भी लंबे समय से बकाया हो गया. संस्थान की तरफ से कई बार उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग को पत्र भेजा गया, लेकिन समझौते का नवीकरण नहीं हो सका. इसके बाद संस्थान ने सभी सीटों पर ऑल इंडिया कोटे से नामांकन लेने का फैसला कर लिया. व्यवस्था के तहत बीटेक की लगभग 650 सीटों पर झारखंड के विद्यार्थियों का नामांकन होता था. इसके अलावा बीसी वन और बीसी टू वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी अलग से आरक्षित सीटें थीं.
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