रांची: इस्कॉन द्वारा आयोजित पांच दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को भगवान श्रीकृष्ण की यशोदा-दामोदर उखल बंधन लीला का वर्णन किया गया. कथा में लीला पुरुषोत्तम दास ने प्रवचन देते हुए भक्ति, प्रेम और भगवान को प्रसन्न करने को जीवन का वास्तविक उद्देश्य बताया.
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण भगवद्गीता में मनुष्य को अपने सभी कर्तव्यों का पालन भगवान को संतुष्ट करने के उद्देश्य से करने की प्रेरणा देते हैं. जीवन में किये जानेवाले प्रत्येक कार्य का अंतिम उद्देश्य भगवान की प्रसन्नता होना चाहिए. उन्होंने कहा कि भगवद्गीता का अध्ययन और उसकी शिक्षाओं का अनुसरण कर मनुष्य भगवान की ओर बढ़ सकता है और अपने जीवन को भक्ति के मार्ग पर लगा सकता है.
लीला पुरुषोत्तम दास ने यशोदा-दामोदर लीला का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान सर्वशक्तिमान होने के बावजूद अपने भक्त के निष्कपट प्रेम और भक्ति के सामने स्वयं को बांधने देते हैं. भगवान को प्रेम और भक्तिमय सेवा की रस्सी से ही बांधा जा सकता है. यही श्रीकृष्ण की मधुरता और भक्तवत्सलता का अद्भुत स्वरूप है.
आज भजन क्लबिंग और आध्यात्मिक प्रवचन
श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें और अंतिम दिन गुरुवार को ‘भजन क्लबिंग’ के साथ आध्यात्मिक प्रवचन का आयोजन किया जायेगा. कथा कटहल मोड़ के समीप स्वास्तिक ईएनटी अस्पताल के पास आयोजित हो रही है. कार्यक्रम शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक चलेगा.
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