रांची से राणा प्रताप सिंह की रिपोर्ट
झारखंड राज्य आकलन प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी से उनके आवास पर मुलाकात की. यह बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित की गई थी, जिसमें सहायक अध्यापकों की लंबित मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई.
मंत्री ने दिया समाधान का भरोसा
मंत्री के आश्वासन पर विश्वास जताते हुए शिक्षकों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया. इस दौरान मंत्री ने खुद मीठा खिलाकर शिक्षकों का अनशन तुड़वाया. इसके पहले मंत्री डॉ अंसारी ने पूरे विषय को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि संबंधित विभागीय मंत्री वर्तमान में बाहर हैं. उनके लौटते ही सभी पक्षों के साथ संयुक्त बैठक कर इस मुद्दे का समाधान निकाला जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि सभी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और बैठक की विस्तृत जानकारी भी साझा की जा चुकी है. मंत्री ने आंदोलनरत शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील है. इसलिए अनशन समाप्त करें और सकारात्मक संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ने दें.
ये हैं प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल ने आकलन परीक्षा प्रमाण पत्र जारी कर उसे टेट के समकक्ष मान्यता देने, आगामी सहायक आचार्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर प्रदान करने, सरकारी शिक्षकों की तरह समान कार्य के लिए समान वेतनमान लागू करने और संविदाकर्मियों के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार समान वेतनमान निर्धारण करने की मांग की.
18 अप्रैल से जारी था अनशन
मंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि झारखंड के अन्य विभागों में कार्यरत संविदाकर्मियों को वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है, जबकि पारा शिक्षकों को इससे वंचित रखा गया है. ज्ञात हो कि मांगों को लेकर मोर्चा के तत्वावधान में 18 अप्रैल से नागा बाबा खटाल स्थल पर सहायक अध्यापकों का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन जारी था.
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