रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप से जुड़े टेरर फंडिग मामले में सह आरोपी व सहयोगी अरुण गोप की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई की. जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षतावाली खंडपीठ ने सुनवाई के दाैरान प्रार्थी व प्रतिवादी का पक्ष सुना. इसके बाद खंडपीठ ने प्रार्थी अरुण गोप को जमानत प्रदान कर दिया. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता बालाजी श्रीनिवासन व अधिवक्ता निरंजन कुमार ने पैरवी की. उन्होंने बताया कि मामले में आरोपी सात साल से अधिक समय से जेल में है. इसे देखते हुए उसे जमानत देने का आग्रह किया गया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी अरुण गोप ने याचिका दायर कर जमानत देने की प्रार्थना की थी. एनआइए के विशेष न्यायाधीश की अदालत में मामले में ट्रायल जारी है. अरुण गोप लगभग सात वर्षों से जेल में है. मामले में एनआइए की ओर से ट्रायल के दौरान 120 गवाहों को प्रस्तुत किया जा चुका है. नोटबंदी के बाद बेड़ो पुलिस ने दिनेश गोप का 25.38 लाख रुपये बरामद किया था. मामले को लेकर बेड़ो थाना में कांड संख्या-67/2106 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. 19 जनवरी 2018 को इस केस को एनआइए ने टेकओवर किया था.
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