Ranchi News : प्रतिभागियों ने लगाया पक्षपात का आरोप, कॉलेज प्रबंधन ने दुबारा करायी प्रतिस्पर्धा

जिलास्तरीय ‘युवा संसद-2025’ प्रतियोगिता के परिणाम में गड़बड़ी पर हंगामा

रांची. डोरंडा कॉलेज में रविवार को जिलास्तरीय ‘युवा संसद-2025’ प्रतियोगिता के परिणाम में प्रतिभागियों ने गड़बड़ी का आरोप लगाया. कहा कि परिणाम में पक्षपात किया गया है. मामला तूल पकड़ने लगा, तो आयोजन समिति ने परिणाम को रद्द कर दिया. डोरंडा कॉलेज के प्राचार्य राजकुमार शर्मा के हस्तक्षेप पर 21 व 23 मार्च के चुनिंदा 20 प्रतिभागियों के बीच दूसरी बार प्रतिस्पर्धा करायी गयी. इसके बाद विवाद खत्म हुआ.

क्या था मामला

युवा संसद का रविवार को जब परिणाम जारी हुआ, तो इनमें जिन 10 प्रतिभागियों को राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए सफल घोषित किया गया था, उसमें 21 मार्च को प्रतिस्पर्धा में भाग लेने वाले एक भी प्रतिभागी का नाम नहीं था. इसे लेकर हॉल में मौजूद कई प्रतिभागियों ने हंगामा शुरू कर दिया. मौके पर समारोह के मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद झारखंड राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष कुमार गौरव के सामने भी कई प्रतिभागियों ने परिणाम पर आपत्ति दर्ज करायी. इसके बाद प्रतियोगिता के निर्णायकों में डॉ चंद्रिका ठाकुर, अंग्रेजी विभाग की डॉ पूनम निगम सहाय, डॉ इवा मार्गरेट हंसदाक और शहनाज जबीं शामिल रहे.

क्या कहते हैं नेहरू युवा केंद्र के मेंटोर

नेहरू युवा केंद्र के मेंटोर व युवा संसद के आयोजक गौरव मित्तल ने कहा कि 21 मार्च को निर्णायक मंडली के एक सदस्य की अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण वह 23 मार्च को मौजूद नहीं रहे पायें. उनकी जगह दूसरे जज को बुलाया गया था. उन्होंने बताया कि जजों ने जो मार्किंग की, उससे 21 मार्च को हुई प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभागियों का चयन नहीं हो पाया. क्योंकि, आज जो मार्किंग हुई, वह 21 मार्च वाले मार्किंग से बढ़ गयी. जिसे लेकर विवाद हो गया था. बाद में दोनों दिनों के चयनित 10-10 प्रतिभागियों के बीच प्रतिस्पर्धा करायी गयी. उसमें जो जीत कर आयें, उन्हें विजेता घोषित किया गया.

डोरंडा कॉलेज को सौंपी गयी थी आयोजन की जिम्मेदारी

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से ‘युवा संसद- 2025’ के तहत पूरे देश में 300 नोडल जिले बनाये गये हैं. रांची इन नोडल जिलों में एक है, जहां जिलास्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन की जिम्मेदारी डोरंडा कॉलेज को सौंपी गयी थी. नेहरू युवा केंद्र और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में रांची के अलावा लोहरदगा और गुमला जिले के 103 प्रतिभागियों को उनके एक मिनट के वीडियो के आधार चुना गया था. जिनके बीच 21 मार्च और 23 मार्च को प्रतिस्पर्धा हुई. ‘एक देश एक चुनाव’ विषय पर बोलने के लिए इन सभी को तीन-तीन मिनट का वक्त दिया गया था.

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By Sunil prasad

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