झारखंड को केंद्र की बड़ी सौगात: इटकी में खुलेगा देश का प्रतिष्ठित AIIA, आयुर्वेद इलाज का बनेगा हब

रांची के इटकी में 1000 करोड़ रुपये की लागत से अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) का निर्माण प्रस्तावित है. यह संस्थान झारखंड को वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित करेगा.

रांची से विपिन सिंह की रिपोर्ट

AIIA Ranchi, रांची : झारखंड में आयुर्वेद सेक्टर को एक वैश्विक पहचान मिलने जा रही है. रांची जिले के इटकी में करीब 1000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 'अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान' (AIIA) का निर्माण प्रस्तावित है. इस मेगा प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने स्थल चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए काम बेहद तेज कर दिया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने इटकी के अंचल अधिकारी (CO) के साथ मौके पर पहुंचकर प्रस्तावित जमीन का फिजिकल रूप से मुआयना किया.

40 एकड़ भूमि पर बनेगा भव्य परिसर

संस्थान की स्थापना के लिए इटकी के इस इलाके को सबसे उपयुक्त माना गया है. इसके निर्माण को लेकर कुल 40 एकड़ भूमि को चिन्हित किया गया है. एनएचएम निदेशक शशि प्रकाश झा ने निरीक्षण के दौरान जमीन की उपलब्धता और अन्य भौगोलिक पहलुओं की समीक्षा की. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिन्हित 40 एकड़ जमीन की नापी (Measurement) का कार्य बिना किसी देरी के जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि आगे की कागजी और निर्माण संबंधी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा सकें.

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झारखंड समेत 3 राज्यों को मिली है सौगात

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने अपने आम बजट में देश के तीन राज्यों में दिल्ली की तर्ज पर अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) स्थापित करने की बड़ी घोषणा की थी, जिसमें झारखंड को भी यह गौरव प्राप्त हुआ है. एनएचएम निदेशक ने बताया कि इस संस्थान के खुलने से झारखंड में आयुर्वेद चिकित्सा, उच्च शिक्षा, उन्नत अनुसंधान (Research) और पेशेवर प्रशिक्षण को एक नई दिशा मिलेगी. यह संस्थान न सिर्फ मरीजों के इलाज बल्कि आयुर्वेद के क्षेत्र में नए वैज्ञानिकों को तैयार करने का बड़ा केंद्र बनेगा.

राज्य में आयुष सेक्टर को मिलेगी अभूतपूर्व मजबूती

कोरोना महामारी (Covid-19) के बाद से पूरी दुनिया में आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को वैश्विक स्तर पर बड़ी स्वीकार्यता मिली है. बाजार में आयुर्वेद उत्पादों की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार इस सेक्टर को पूरी तरह अपग्रेड करने के मूड में है. इस संस्थान के आने से राज्य की आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं (Drug Testing Labs) को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा, जिससे झारखंड वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र (Global Traditional Medicine Centre) के रूप में मजबूती से उभर सकेगा.

निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद रहे ये प्रशासनिक अधिकारी

इस महत्वपूर्ण ग्राउंड इंस्पेक्शन के दौरान एनएचएम निदेशक के साथ इटकी के अंचल अधिकारी (CO), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), जिला यक्षमा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) और स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग के कई अन्य संबंधित अधिकारी व अंचल के अमीन उपस्थित रहे.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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