झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर मंथन शुरू कर दिया है. शुक्रवार को नामकुम स्थित एनएचएम मुख्यालय के आरसीएच सभागार में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के व्यापक उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में राज्य यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. कमलेश, आईईसी के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. राहुल किशोर सिंह, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक अनिमा किस्कू, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के डॉ. अमरेन्द्र, केपीएमजी, धनुष और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
डेटा विश्लेषण से मिलेगी बीमारियों की सटीक जानकारी
बैठक में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि एआई की मदद से स्वास्थ्य क्षेत्र के ग्राउंड लेवल डेटा का सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा. इससे क्षेत्रवार बीमारियों के बोझ का सही आकलन होगा और जरूरत के अनुसार संसाधनों की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और कार्यक्षमता दोनों में सुधार आएगा.
दवा प्रबंधन और एंबुलेंस सेवा होगी स्मार्ट
बैठक में एआई आधारित दवा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने पर भी चर्चा हुई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस जिले या क्षेत्र में किस दवा की कितनी आवश्यकता है. इसके अलावा मानव संसाधन के बेहतर उपयोग, एंबुलेंस सेवाओं के त्वरित संचालन, गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, हाई-रिस्क प्रेगनेंसी की निगरानी और टीकाकरण से जुड़े आंकड़ों के आधार पर समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया.
टीबी, मलेरिया और फाइलेरिया नियंत्रण में भी होगा एआई का उपयोग
बैठक में टीबी, मलेरिया, फाइलेरिया और हीमोग्लोबिन से संबंधित आंकड़ों के संग्रह एवं विश्लेषण में एआई की भूमिका पर भी चर्चा की गई. अधिकारियों का मानना है कि इससे रोगों की रोकथाम और नियंत्रण की रणनीति अधिक प्रभावी बनाई जा सकेगी.
'झारखंड स्टेट हेल्थ चैटबॉट' विकसित करने का सुझाव
सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य परामर्श पहुंचाने के लिए 'झारखंड स्टेट हेल्थ चैटबॉट' विकसित करने और क्षेत्रीय भाषाओं में एआई आधारित स्वास्थ्य परामर्श प्रणाली शुरू करने का सुझाव भी बैठक में रखा गया. नई तकनीक को चरणबद्ध तरीके से लागू करने तथा डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण के लिए विशेष प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करने पर भी चर्चा हुई.
बैठक के अंत में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने निर्देश दिया कि तकनीकी विशेषज्ञों के साथ दोबारा बैठक कर सभी प्रस्तावों का विस्तृत अध्ययन किया जाए, ताकि एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को राज्य में सरल और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके.
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