रांची में प्रेशर हॉर्न पर कड़ा एक्शन, दो दिन में 297 वाहनों पर कार्रवाई

राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए नये ट्रैफिक एसपी सौरभ ने पदभार संभालते ही सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है.

रांची. राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए नये ट्रैफिक एसपी सौरभ ने पदभार संभालते ही सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि अब शहर में प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा. इसके साथ ही, ब्लैक फिल्म लगाने और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर न केवल चालान काटा जायेगा, बल्कि जुर्माना भी वसूला जायेगा. ट्रैफिक पुलिस ने अभियान चलाकर प्रेशर हॉर्न बजाने वाले वाहनों पर कार्रवाई शुरू कर दी है. पहले ही दिन कई वाहन चालकों पर जुर्माना लगाया गया. ट्रैफिक एसपी ने कहा कि यह अभियान नियमित रूप से चलेगा और इसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जायेगी. 17 और 18 अगस्त को चलाये गये अभियान में 297 वाहनों पर कार्रवाई की गई.

प्रेशर हॉर्न लगाने वाले वाहनों पर होगी कार्रवाई

रांची. वाहनों में प्रेशर हॉर्न बजाना महंगा पड़ेगा. अगर आपके वाहन में प्रेशर हॉर्न है, तो सावधान हो जायें. कंपनी द्वारा दिये गये हॉर्न को जिन वाहन मालिकों ने प्रेशर हॉर्न में बदला है, उन पर कार्रवाई होगी. बस ऑनर एसोसियेशन, स्कूली बसों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में डीटीओ अखिलेश कुमार ने कहा कि प्रेशर हॉर्न लगाने वालों पर कार्रवाई होगी. बैठक में आरटीए सेक्रेटरी हरिवंश पंडित, ट्रैफिक डीएसपी प्रमोद कुमार केसरी और शिव प्रकाश शामिल थे.

पहली बार में पकड़े जाने पर एक हजार लगेगा जुर्माना

डीटीओ ने कहा कि केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 120 (2) व पर्यावरण (संरक्षण) नियमावली 1986 के अनुसूची के तहत ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले प्रेशर हॉर्न, मल्टी ट्यूंड हॉर्न मालिकों से पहली बार 1,000 रुपये और दूसरी बार पकड़े जाने पर 2,000 रुपये जुर्माना किया जायेगा. यही नहीं, इसके बाद वाहन को जब्त कर कोर्ट में कार्रवाई के लिए भेजा जायेगा. ब्लैक फिल्म वालों पर भी कार्रवाई: जांच के दौरान वाहनों में ब्लैक फिल्म लगाने वालों के साथ-साथ अनधिकृत लोग वाहनों में झंडा लगायेंगे, तो वैसे लोगों पर भी कार्रवाई होगी. साथ ही टैक्स डिफॉल्टरों पर भी कार्रवाई की जायेगी.

स्कूल बसों की 32 बिंदुओं पर जांच होगी

बैठक में स्कूल बसों के मालिकों को भी कई निर्देश दिये गये. उन्हें बताया गया कि 32 चीजों को अपडेट कर लें. इससे संबंधित फॉर्मेट स्कूली बस प्रतिनिधियों को मौके पर ही दे दिया गया है. इन बिंदुओं को भर कर स्कूलों को डीटीओ कार्यालय में जमा करना है. इसके बाद इन बसों की औचक जांच होगी. जांच में इन बिंदुओं में कमी पायी गयी, तो कार्रवाई होगी. प्रमुख बिंदुओं में चालक का लाइसेंस, वैधता तिथि, सहचालक है या नहीं, परमिट, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन की वैधता, बस में सीसीटीवी लगा है या नहीं, हॉर्न की स्थिति, मेडिकल किट है या नहीं, आग बुझाने का यंत्र है या नहीं, बच्चों के बैग रखने का जगह है या नहीं, जीपीएस लगा है या नहीं, बस में अटेंडेंट है या नहीं आदि बिंदुओं पर जांच होगी.

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Published by: Praveen

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