सड़क के किनारे बच्चे का जन्म हाइकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान

रांची. लातेहार में रांची-डालटेनगंज राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-39 के किनारे खुले आसमान के नीचे एक महिला द्वारा बच्चे को जन्म देने के मामले को झारखंड हाइकोर्ट ने गंभीरता से लिया है. जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले को जनहित याचिका में तब्दील कर दिया है. राज्य सरकार सहित अन्य को […]

रांची. लातेहार में रांची-डालटेनगंज राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-39 के किनारे खुले आसमान के नीचे एक महिला द्वारा बच्चे को जन्म देने के मामले को झारखंड हाइकोर्ट ने गंभीरता से लिया है.

जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने ��्वत: संज्ञान लेते हुए मामले को जनहित याचिका में तब्दील कर दिया है. राज्य सरकार सहित अन्य को प्रतिवादी बनाते हुए नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा गया है. अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तिथि तय की. सुनवाई चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह व जस्टिस एस चंद्रशेखर की खंडपीठ में होगी.

क्या है मामला
नाै सितंबर को एनएच-39 के किनारे एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया था. महिला के साथ तीन छोटे-छोटे बच्चे भी थे. यह मामला मीडिया में आया था. सदर प्रखंड के तुपु हेसला निवासी अगेरिया की पत्नी अपने तीन छोटे-छोटे बच्चों के साथ आधार कार्ड बनवाने के लिए प्रखंड कार्यालय आयी थी. इसके बाद वह मायके जानेवाली थी, लेकिन उसे कोई वाहन नहीं मिला. इसी बीच उसे प्रसव पीड़ा होने लगी, वह सड़क किनारे महुआ पेड़ के पास बैठ गयी. रात भर वह सड़क पर पीड़ा से तड़पती रही, लेकिन उसकी आैर उसके छोटे-छोटे बच्चों की सुध लेनेवाला कोई नहीं था.

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