राजधानी के युवकों को लग रही है महानगरवाले नशे की लत
रांची: राजधानी के युवकों को महानगरों वाले नशे की लत लगायी जा रही है. स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को सॉफ्ट टारगेट बनाया जा रहा है. राजधानी के कई स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों के साथ-साथ तनाव में जीनेवाले युवक इसके शिकार हो रहे हैं. इस तरह के मामले राजधानी के कई थानों के साथ-साथ […]
रांची: राजधानी के युवकों को महानगरों वाले नशे की लत लगायी जा रही है. स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को सॉफ्ट टारगेट बनाया जा रहा है. राजधानी के कई स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों के साथ-साथ तनाव में जीनेवाले युवक इसके शिकार हो रहे हैं. इस तरह के मामले राजधानी के कई थानों के साथ-साथ मानसिक रोग चिकित्सालयों में भी आ रहे हैं. हाल के दिनों में कई ऐसे मामले थानों तक गये, जो ड्रग बेचने से संबंधित है.
कैसे बनाते हैं टारगेट : राजधानी के विभिन्न कॉलेज में पढ़नेवाले युवक इन दिनों ब्राउन सुगर सप्लाई करनेवाले गिरोह के टारगेट पर हैं. गिरोह से जुड़े लोग पहले स्कूल-कॉलेज में पढ़नेवाले कम उम्र के युवकों से पहचान बढ़ाते हैं. धीरे- धीरे उन्हें ब्राउन सुगर के नशे की लत लगा कर उनका जीवन बरबाद कर रहे हैं. कॉलेज और स्कूल में पढ़नेवाले अधिकांश छात्र वैसे हैं, जो झारखंड के विभिन्न इलाके से आकर राजधानी रांची में लॉज या किराये के मकान में रहते हैं. ब्राउन सुगर सप्लाई करनेवाले गिरोह के टारगेट में कुछ वैसे युवक भी हैं, जिनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. ऐसे युवकों को सप्लायर अपने गिरोह से जोड़ते हैं. उन्हें धन कमाने का लालच देकर ब्राउन सुगर सप्लाई करने के धंधे में धकेल रहे हैं. सप्लायर लॉज के किसी एक युवक से संपर्क कर पहले उन्हें मुफ्त में एक-दो बार ब्राउन सुगर देता है. जब युवक को नशे की लत लग जाती है, तो फिर उससे पैसा लेने लगता है. एक-एक युवकों को जोड़ कर चेन बनाया जाता है.
सप्लाई करनेवाले गिरोह के सदस्य : राजधानी में ब्राउन सुगर सप्लाई करनेवाले गिरोह में कृष्णा उर्फ घघा, राजू, राजा, बंटी और बबलू कच्छप के नाम शामिल हैं. ब्राउन सुगर सप्लाई करनेवाला एक गिरोह कृष्ण का है, जबकि दूसरा गिरोह बंटी का. इसके अलावा पूर्व में लोअर बाजार थाना क्षेत्र के सुल्तान अहमद और मोनू खान और चुटिया थाना क्षेत्र के कुछ युवकों का नाम इस धंधे में आ चुका है.
पकड़ा जा चुका है आरोपी नीरज : लोअर बाजार थाना की पुलिस ने 13 मई 2015 को नीरज पोद्दार नामक एक युवक को ब्राउन सुगर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था. वह मूल रूप से नेपाल का रहनेवाला है, लेकिन वर्तमान में वह थड़पखना में अपने परिवार के साथ रहता है. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से तीन पुड़िया ब्राउन सुगर के अलावा नशे के कुछ अन्य सामान बरामद किये थे. नीरज कुमार खुद भी नशे का आदि है. वह पुरूलिया रोड स्थित शैक्षणिक संस्थानों के अलावा अन्य कॉलेजों के छात्रों के बीच ब्राउन सुगर सप्लाई किया करता था. इसके अलावा वह लोअर बाजार थाना क्षेत्र स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच भी ब्राउन सुगर सप्लाई करता था.
ज्यादतर बंगाल से आता है ब्राउन सुगर
जानकारी के अनुसार राजधानी में ब्राउन सुगर सप्लाइ करने के सबसे ज्यादा मामले लोअर बाजार थाने में आ रहा है. अन्य थानों में पकड़े जाने पर कई बार बताया गया कि माल प बंगाल से आता है. कुछ लोगों का संपर्क बंगाल के ब्राउन सुगर सप्लायर से है. धनबाद के कुछ युवक भी कोलकाता के ब्राउन सुगर सप्लायर के नेटवर्क से जुड़े हैं, जिनके माध्यम से रांची में यह पहुंचता है. रांची से पुरूलिया के रास्ते बंगाल जाकर कुछ युवक ट्रेन से ब्राउन सुगर लेकर रांची पहुुंचते हैं. रांची के सप्लायर का संपर्क जमशेदपुर के कई लोगों से बताया जाता है.
एक पुड़िया की कीमत 300-400
ब्राउन सुगर के धंधे से जुड़े एक व्यक्ति का कहना है कि पुराने कस्टमर को वह एक पुड़िया 250 रुपये में उपलब्ध कराता है. नयी लत लगनेवालों को यह 300 से 400 रुपये प्रति पुड़िया उपलब्ध कराया जाता है.
राजधानी के किन क्षेत्र में होता है सप्लाई : लोअर बाजार, हिंदपीढ़ी, सदर, चुटिया, डोरंडा, अरगोड़ा, सुखदेवनगर, कोतवाली, पंडरा, लालपुर और धुर्वा के अलावा कुछ अन्य क्षेत्रों में ब्राउन सुगर का सप्लाई होता है.
अब हर दिन आने लगे हैं तीन-चार मामले
रिनपास के सीनियर रेजीटेंड डॉ सिद्धार्थ सिन्हा स्वीकार कहते हैं कि नशे की लत के मनोरोगी (सबस्टांस एब्युज) की संख्या लगातार बढ़ रही है. अब तो हर दिन दो-तीन नशे की लत से परेशान लोग आने लगे हैं. कई प्रकार के नशे के रोगी आते हैं. इसमें ब्राउन सुगर, डेंडराइट, कोरेक्स या अन्य प्रकार के रोगी भी शामिल हैं. डॉ सिन्हा बताते हैं कि इंजेक्ट कर नशे करनेवाले भी आने लगे हैं. इससे लगता है कि रांची को बड़े शहरों वाली लत लग रही है. इसमें ज्यादतर युवा ही शामिल हैं. बताते हैं कि मेरे घर के पास के मैदान में हर शाम लड़कों का जमावड़ा लगता है. युवा पॉलिथीन के माध्यम से डेंटराइट का नशा कर रहे हैं. हाल ही में हिंदपीढ़ी इलाके से एक मरीज आया था, वह इंजेक्ट कर नशा करता था. मेरे एक प्रभावशाली परिचित को डाइजिपॉम और अल्प्राजोलम (नशे की दवा) की लत है. यह कहना गलत होगा कि नशे की लत केवल गरीब तबके के लोगों तक ही सीमित है.
