रांची. राज्य के सभी कार्य विभागों में अब नये शिड्यूल ऑफ रेट (एसओआर) के आधार पर योजनाएं तैयार और स्वीकृत होंगी. मंत्रिमंडल निगरानी की ओर से नया एसओआर तैयार कर सभी संबंधित विभागों को भेज दिया गया है. करीब चार साल बाद कार्य विभागों में नया एसओआर लागू हुआ है. नये एसओआर में निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले लगभग सभी मेटेरियल की दरें बढ़ गयी हैं. इसका सीधा असर योजनाओं की लागत पर पड़ेगा.
500 करोड़ की ग्रामीण सड़क-पुल योजनाओं के डीपीआर लौटाये
नये एसओआर के कारण ग्रामीण कार्य विभाग ने करीब 500 करोड़ रुपये की ग्रामीण सड़क और पुल योजनाओं के प्रस्ताव लौटा दिये हैं. जिलों की ओर से इन योजनाओं का डीपीआर पुराने एसओआर के आधार पर तैयार कर मुख्यालय भेजा गया था. इनकी स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही थी. अब जिलों को नये एसओआर के आधार पर डीपीआर तैयार कर फिर से भेजने का निर्देश दिया गया है. इसके बाद योजनाओं की स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
चालू वित्तीय वर्ष में 2000 करोड़ की योजनाओं को मिलनी है मंजूरी
चालू वित्तीय वर्ष में करीब 2000 करोड़ रुपये की ग्रामीण सड़क और पुल योजनाओं को स्वीकृति दी जानी है. विधायकों की अनुशंसा के आधार पर योजनाओं का चयन किया जा रहा है. इसके लिए सभी जिलों से अनुशंसा ली जा रही है. अब तक करीब 500 करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है. इन योजनाओं के डीपीआर पुराने एसओआर के आधार पर तैयार होकर मुख्यालय पहुंचे थे.
इसके अलावा करीब 500 करोड़ रुपये की योजनाओं के डीपीआर पहले ही मुख्यालय पहुंच चुके थे, जिनकी स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही थी. अब इन योजनाओं का डीपीआर भी नये एसओआर के आधार पर तैयार कराया जायेगा. वहीं, शेष करीब 1000 करोड़ रुपये की योजनाओं का डीपीआर भी नये एसओआर से तैयार कर भेजने का निर्देश जिलों को दिया गया है.
पुराने एसओआर से स्वीकृत योजनाओं में भी होगा संशोधन
पुराने एसओआर के आधार पर जिन करीब 500 करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है, उनमें भी संशोधन किया जायेगा. इन योजनाओं का टेंडर अभी निकाला जाना है. ऐसे में नये एसओआर के तहत बढ़ी हुई दरों के आधार पर टेंडर जारी किया जायेगा. विभाग की ओर से इसकी तैयारी की जा रही है.
