झारखंड में दाखिल खारिज के 48192 आवेदन पेंडिंग, लंबित मामलों को लेकर 117 सीओ को शो कॉज

लंबित मामलों को लेकर 117 सीओ को शो कॉज

रांची : राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन)और जमीन मापी के लंबित मामले को लेकर 117 अंचल अधिकारियों (सीअो) को स्पष्टीकरण (शो-कॉज) किया है. उनसे पूछा गया है कि आखिर किस परिस्थिति में दाखिल-खारिज के मामले 30 दिनों से अधिक समय तक लंबित रखे गये. तय समय सीमा के अंदर उसका निपटारा कर देना है या आपत्ति होने पर उसका जिक्र करना है, ताकि रैयत अपने मामले को लेकर आगे संबंधित अधिकारी के पास जा सके.

इसके बावजूद मामले लंबित रखे गये. संबंधित अपर समाहर्त्ता से पूछा गया है कि उनके द्वारा ऐसे लंबित मामलों में कार्रवाई क्यों नही की गयी. वहीं कई मामले में जमीन मापी के लिए मिले आवेदन के बाद समय से जमीन की मापी भी नहीं हुई. इस मामले में भी संबंधित सीअो को जवाब देने को कहा गया है.

265 सर्किल में 48192 आवेदन लंबित :

जानकारी के मुताबिक राज्य के सभी 265 सर्किल में दाखिल-खारिज के कुल 48192 मामले लंबित हैं. ऑनलाइन आवेदन भरने के बाद लोगों ने इसकी हार्ड कॉपी भी अंचल कार्यालय में जमा की है. अब उन्हें दौड़ना पड़ रहा है. रैयतों ने विभिन्न स्तरों पर शिकायत की थी कि आवेदन के साथ सारे दस्तावेज देने के बाद भी न तो दाखिल-खारिज किया जा रहा है और न ही आवेदन पर आपत्ति की जा रही है.

विभाग ने ऑनलाइन आंकड़ा देखने और शिकायतों के आधार पर अंचलाधिकारियों से स्पस्टीकरण पूछा है. इधर अंचलाधिकारियों की ओर से दाखिल-खारिज लंबित रहने के कई मामले को तकनीकी समस्या बतायी जा रही है. कई मामले अपडेट नही हैं. वहीं जमीन मापी में विलंब के संबंध में कहा जा रहा है कि अमीन के अभाव में मापी लंबित है. अमीन से पहले भू-अर्जन के लिए मापी करायी जाती है. इसके बाद ही इन्हें निजी जमीन की मापी में लगाया जाता है.

posted by : sameer oraon

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By Prabhat Khabar News Desk

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