साहित्य में उल्लेखनीय योगदान देनेवाले 40 लोगों को मिला पलास सम्मान

वाइबीएन गुरुकुलम में साहित्योदय नववर्ष साहित्योत्सव सह सम्मान समारोह का आयोजन

मैक्लुस्कीगंज. वाइबीएन गुरुकुलम परिसर अंतरराष्ट्रीय साहित्य कला संस्कृति न्यास साहित्योदय के तत्वावधान में नववर्ष साहित्योत्सव सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. आयोजित सम्मान समारोह का उद्घाटन संस्थापक अध्यक्ष पंकज प्रियम व गुरुकुलम के निदेशक डॉ चमन सिंह ठाकुर ने किया. समरोह में झारखंड साहित्य, कला, संस्कृति और समाज के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 40 लोगों को पलास सम्मान से सम्मानित किया गया. गीतायन कार्यक्रम में जो कुरुक्षेत्र नहीं जा सके थे, उन्हें साहित्योदय रत्न से सम्मानित करते हुए गीतायन ग्रन्थ का वितरण किया गया. बतौर मुख्य गुरुकुलम के निदेशक डॉ चमन सिंह ठाकुर ने साहित्योदय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ साहित्य से ही स्वच्छ समाज का निर्माण होता है. प्रियम ने साहित्योदय के कार्यो की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि संस्था राष्ट्र चेतना, देशप्रेम, सत्य सनातन, साहित्य कला और संस्कृति के उत्थान में लगी है. साहित्योदय द्वारा कार्यक्रम के जरिये नई प्रतिभाओं को मंच देने का कार्य कर रही है. साथ ही नयी पीढ़ी को प्राचीन साहित्य को सरल हिंदी में लेखन किया जा रहा है. कहा कि अब तक 4 महाकाव्य ग्रन्थ जन रामायण, कृष्णायन, शिवायन और गीतायन का प्रकाशन हो चुका है. इस वर्ष नारी शक्ति पर आधारित दुर्गायन ग्रन्थ का लेखन चल रहा है, जिसका विमोचन कामाख्या में होगा. कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गीत, संगीत, नृत्य, काव्य पाठ किया. वनभोज के साथ समारोह का समापन हुआ. संचालन डॉ रजनी शर्मा चंदा व धन्यवाद ज्ञापन राकेश रमण ने किया.

वाइबीएन गुरुकुलम में साहित्योदय नववर्ष साहित्योत्सव सह सम्मान समारोह का आयोजन

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By ROHIT KUMAR MAHT

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