बहुराष्ट्रीय कंपनियों में महिलाओं के साथ भेदभाव का जोखिम

नयी दिल्ली. अंकटाड की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि विकासशील देशों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है, लेकिन कार्यस्थल पर ‘महिलाओं के साथ पक्षपात बढ़ने’ का जोखिम अब भी कायम है. रिपोर्ट के मुताबिक, विकासशील देशों को चुनिंदा श्रमोन्मुखी एवं निर्यातोन्मुखी क्षेत्रों पर […]

नयी दिल्ली. अंकटाड की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि विकासशील देशों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है, लेकिन कार्यस्थल पर ‘महिलाओं के साथ पक्षपात बढ़ने’ का जोखिम अब भी कायम है. रिपोर्ट के मुताबिक, विकासशील देशों को चुनिंदा श्रमोन्मुखी एवं निर्यातोन्मुखी क्षेत्रों पर खास ध्यान देने की जरूरत है. इन क्षेत्रों में महिला कर्मचारियों की संख्या आमतौर पर अधिक है. रिपोर्ट में कहा गया है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा निवेश किये जाने से महिलाओं के लिए खास कर श्रमोन्मुखी और निर्यातोन्मुखी उद्योगों में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं. इन क्षेत्रों में काम के लिए खराब स्थितियां और महिलाओं के लिए प्रशिक्षण की सीमित पहुंच जैसे जोखिम भी हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >