रांची. कमीशनखोरी के आरोप में इंडी की गिरफ्त में आये मंत्री आलमगीर आलम के इस्तीफा को लेकर अटकलें लग रही हैं. मंत्री आलमगीर आलम फिलहाल इस्तीफा नहीं देंगे. पार्टी मंत्री पर इस्तीफा का दबाव भी नहीं बना रही है. केंद्रीय नेतृत्व की ओर से भी प्रदेश को निर्देश नहीं आया है. पार्टी लोकसभा चुनाव तक इस मामले को टालने के मूड है. सरकार के अंदर झामुमो ने भी सब कुछ कांग्रेस के पाले में छोड़ दिया है. चंपाई सोरेन के नेतृत्व में चल रही सरकार अपने सहयोगी के साथ किसी विवाद में फंसना नहीं चाहती है. कांग्रेस के कई नेताओं की दलील है कि इडी की जांच चल रही है. जल्दबाजी में किसी तरह का फैसला नहीं करना है. इधर प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है कि आलमगीर संजीदा नेता हैं. वह फैसला लेने में सक्षम हैं. समय पर वह फैसला लेंगे. पहले उनको हर परिस्थिति से संतुष्ट होना है. लेकिन जिस तरह से इडी ने आनन-फानन में कार्रवाई की है, सही नहीं ठहराया जा सकता है. वह इडी को लगातार सहयोग कर रहे थे. हर समन पर वह जा रहे थे. फिर इतनी जल्दबाजी की जरूरत नहीं थी. श्री ठाकुर ने कहा कि मंत्री आलमगीर का जो भी निर्णय होगा, पार्टी उनके साथ खड़ी है. वह वस्तुस्थिति को सही तरीके से जान और समझ रहे हैं.
कांग्रेस ने अमित शाह के रोड शो को फ्लॉप बताया
रांची. देश के गृहमंत्री अमित शाह का रांची के चुटिया में हुए रोड शो काे कांग्रेस ने फ्लॉप बताया है. उनके इस कार्यक्रम पर तंज करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि अब शहरवासियों ने भी भाजपा को नकार दिया है, इसलिए शाह को अब मोहल्ले में जाकर रोड शो करना पड़ रहा है. जनता को अब भाजपा पर भरोसा नहीं रह गया है, भरोसा है तो कांग्रेस की पांच न्याय और 25 गारंटियों पर. राहुल गांधी द्वारा जनता के लिए पूछे गए प्रश्न अब देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को मुहल्लों में रोड शो करने को विवश कर दिया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
