जेट में लाइब्रेरी और इंफॉर्मेशन साइंस को शामिल करने पर हाईकोर्ट में सुनवाई, लिखित बहस पेश करने का निर्देश

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट में जेट परीक्षा में लाइब्रेरी साइंस और फिजिकल एजुकेशन विषय शामिल करने को लेकर सुनवाई हुई. कोर्ट ने याचिकाकर्ता से 20 अप्रैल तक लिखित बहस मांगी और फैसला सुरक्षित रखा. 26 अप्रैल को प्रस्तावित जेट परीक्षा पर इस मामले का असर पड़ सकता है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट में झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (जेट) से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर सुनवाई हुई. मामला लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस और फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स विषयों को जेट परीक्षा में शामिल करने से संबंधित है. इस पर जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में विस्तृत बहस हुई.

कोर्ट ने मांगी लिखित बहस, फैसला सुरक्षित

सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं और राज्य सरकार दोनों का पक्ष सुना. इसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 20 अप्रैल तक लिखित बहस प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. अदालत ने फिलहाल मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है, जिससे यह मामला और अहम हो गया है.

याचिकाकर्ताओं ने उठाया समानता का मुद्दा

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अतुल्य श्रेष्ठ ने अदालत में तर्क रखते हुए कहा कि वे केवल समानता की मांग कर रहे हैं. उनका कहना था कि जिन विषयों को जेट में शामिल किया गया है, उनमें नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातकोत्तर डिग्री के साथ नेट या जेट अनिवार्य है. उन्होंने दलील दी कि लाइब्रेरी और फिजिकल एजुकेशन जैसे विषयों को इससे बाहर रखना उचित नहीं है.

खाली पड़े हैं लाइब्रेरियन के कई पद

याचिका में यह भी बताया गया कि राज्य में लाइब्रेरियन के कई पद खाली पड़े हैं. ऐसे में संबंधित विषय को जेट में शामिल करना जरूरी है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके और रिक्त पदों को भरा जा सके. यह मुद्दा शिक्षा व्यवस्था से भी सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है.

राज्य सरकार ने बताया नीतिगत निर्णय

राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि जेट में विषयों का चयन एक नीतिगत निर्णय है. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अभ्यर्थियों के पास NET परीक्षा का विकल्प उपलब्ध है, इसलिए उन्हें पूरी तरह से वंचित नहीं माना जा सकता.

दो अलग-अलग याचिकाओं पर हो रही सुनवाई

इस मामले में लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस विषय को लेकर राजेश कुमार ने याचिका दायर की है, जबकि फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स विषय को लेकर गुलशन कुमार ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. दोनों याचिकाओं को एक साथ सुनते हुए कोर्ट ने इस पर विस्तृत विचार किया.

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26 अप्रैल को प्रस्तावित है जेट परीक्षा

गौरतलब है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा जेट परीक्षा 26 अप्रैल को आयोजित की जानी है. ऐसे में इस मामले का फैसला परीक्षा से पहले या बाद में क्या असर डालेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. यह मामला अब राज्य के हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ गया है और हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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