स्वास्थ्य मंत्री ने 10 फरवरी को किया था जेरिएट्रिक वार्ड का उद्घाटन
रांची : रिम्स में बुजुर्ग मरीजों के बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए जेरिएट्रिक वार्ड बनाया गया. वार्ड में 30 बुजुर्ग मरीजों काे भर्ती कर इलाज करने की सुविधा है.
10 फरवरी को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने वार्ड का उद्घाटन किया. उम्मीद थी कि जेरिएट्रिक वार्ड के शुरू होने से रिम्स में आनेवाले बुजुर्ग मरीजों को सहूलियत होगी. लेकिन, ऐसा नहीं हो सका. उद्घाटन के बाद वार्ड में ताला लगा दिया गया. नतीजतन, एक भी बुजुर्ग मरीज को इस नयी सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है.
दूसरी ओर, रिम्स प्रबंधन द्वारा उद्घाटन के साथ ही जेरिएट्रिक वार्ड के संचालन के लिए अलग से डॉक्टरों की टीम व नर्सिंग स्टाफ को जिम्मेदारी दे दी गयी है. वार्ड के संचालन में जिन-जिन सामानों की आवश्यकता थी, उसे उपलब्ध करा दिया गया है. बावजूद इसके अब भी जेरिएट्रिक वार्ड में ताला लटका है.
रिम्स में अभी दर्जनों बुजुर्ग मरीज हैं भर्ती, एक को भी नहीं मिला लाभ
मंत्री ने जेरिएट्रिक वार्ड को मॉडल बनाने की कही थी बात
स्वास्थ्य मंत्री ने वार्ड का उद्घाटन करते समय रिम्स प्रबंधन को कहा था कि जेरिएट्रिक वार्ड को मॉडल वार्ड बनाना है, जिससे धीरे-धीरे राज्य के अन्य अस्पताल में जेरिएट्रिक विंग काे शुरू किया जाये. प्रखंड अस्पताल में इस सेवा काे शुरू करना है. हकीकत यह है कि अब भी रिम्स में दर्जनों बुजुर्ग मरीजों काे फर्श पर लिटा कर इलाज किया जा रहा है. मेडिसिन वार्ड के कई यूनिट में बुजुर्ग मरीज फर्श पर भर्ती हैं. एक मरीज के परिजन ने बताया कि अगर जेरिएट्रिक वार्ड शुरू होता, तो मेरे मरीज को ठंड में फर्श पर इलाज नहीं कराना पड़ता.
जेरिएट्रिक वार्ड को शुरू होना चाहिए. मैं अभी रांची से बाहर हूं, आने पर पता लगाता हूं कि आखिर किन कारणों से विंग की शुरुआत नहीं की गयी. स्टाफ व अन्य कमियों को दूर कर दिया गया है.
डॉ दिनेश कुमार, निदेशक रिम्स
