रांची : 32620 विलेज को-ऑर्डिनेटर हो गये बेरोजगार, लगायी गुहार

रांची : मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड से चयनित 32620 विलेज को-ऑर्डिनेटर बेरोजगार हो गये हैं. इनका अवधि विस्तार नहीं किया गया. नवंबर, 2017 में मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड द्वारा विलेज को-ऑर्डिनेटर का चयन किया गया था. ताकि गांव-गांव में ये लोगों के बीच हस्तकरघा एवं कुटीर उद्योग के लिए […]

रांची : मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड से चयनित 32620 विलेज को-ऑर्डिनेटर बेरोजगार हो गये हैं. इनका अवधि विस्तार नहीं किया गया.
नवंबर, 2017 में मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड द्वारा विलेज को-ऑर्डिनेटर का चयन किया गया था. ताकि गांव-गांव में ये लोगों के बीच हस्तकरघा एवं कुटीर उद्योग के लिए जागरूकता फैला सकें और उनकी मदद कर सकें. इनका चयन एक वर्ष के लिए किया गया था.बोर्ड की तत्कालीन सीइओ रेणु गोपीनाथ पेनिक्कर द्वारा विलेज को-ऑर्डिनेटर, ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर और डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर की नियुक्ति की गयी थी. काम के आधार पर मानदेय देने की बात थी.
पर इनसे काम के रूप में केवल लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में वोलेंटियर का काम लिया गया. इसके एवज में इन्हें केवल 200 रुपये दिये गये. को-ऑर्डिनेटर संघ के अध्यक्ष रंजीत प्रसाद राय के नेतृत्व गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर मानदेय भुगतान करने और काम देने की मांग की. मौके पर राजेश कुमार दास, ओंकार गोस्वामी, शहाबुद्दीन अंसारी, प्रमोद कुमार दासआिद मौजूद थे.
पतरातू के विस्थापितों ने सीएम को बतायीं समस्याएं
मुख्यमंत्री आवास में गुरुवार को बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर अपनी-अपनी समस्याएं बतायीं. पतरातू स्थित जयनगर, बलकुदरा और रसदा गांव के विस्थापित रैयतों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 1972-73 में पतरातू थर्मल पावर स्टेशन के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन आज तक मुआवजा और नौकरी नहीं मिली. पुनर्वास नीति का भी लाभ नहीं मिला. लोगों ने कहा कि इससे 500 परिवार प्रभावित हैं .मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही इस पर कार्रवाई की जायेगी.
इसके अलावा राज्य साक्षरता कर्मी महासंघ, झारखंड महिला समाख्या सोसाइटी, रांची नगर निगम के वाहन चालकों व सफाई कर्मियों ने अपनी बातों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया.
बच्चे नदी पार कर जाते थे स्कूल, अब बनेगी पुलिया
पलामू के सतबहिनी पंचायत के उरांव टोला गवरलेटवा गांव में स्कूली बच्चे और ग्रामीण नदी में पानी में घुसकर पार करते हैं. इसकी शिकायत अजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर की. इसके बाद मुख्यमंत्री ने डीसी पलामू को ट्वीट कर वहां आधारभूत संरचना का निर्माण करने का निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा असुरक्षित न हो. देर शाम पलामू के डीसी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए एनआरइपी विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित दो जेइ को भेजकर पुलिया का एस्टीमेट बनवा लिया गया है.

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