वेतन वृद्धि समेत 12 सूत्री मांगों को लेकर कल से तीन दिनों तक बंद रहेंगे बैंक

शुक्रवार व शनिवार को हड़ताल रहेगी, रविवार को सार्वजनिक छुट्टी रांची : बैंकों से जुड़ी यूनियनों ने शुक्रवार से दो दिनों तक बैंकों में हड़ताल की घोषणा की है. वेतन वृद्धि समेत 12 सूत्री मांगों को लेकर बैंककर्मी 31 जनवरी से एक फरवरी तक हड़ताल पर रहेंगे. वहीं दो फरवरी को रविवार की छुट्टी होने […]

शुक्रवार व शनिवार को हड़ताल रहेगी, रविवार को सार्वजनिक छुट्टी
रांची : बैंकों से जुड़ी यूनियनों ने शुक्रवार से दो दिनों तक बैंकों में हड़ताल की घोषणा की है. वेतन वृद्धि समेत 12 सूत्री मांगों को लेकर बैंककर्मी 31 जनवरी से एक फरवरी तक हड़ताल पर रहेंगे. वहीं दो फरवरी को रविवार की छुट्टी होने के कारण ग्राहकों को लगातार तीनों दिनों तक बैंकिंग सेवा का लाभ नहीं मिलेगा. बैंक तीन फरवरी यानी सोमवार को खुलेंगे. लगातार तीन दिनों तक बैंक बंद रहने से ग्राहकाें को काफी परेशानी होगी. महीने के आखिरी दिनों में हड़ताल होने से वेतन व पेंशनभोगियों को ज्यादा परेशानी होगी.
हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने किया है. यह ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआइबीओसी), ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (एआइबीइए) और नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स समेत नौ कर्मचारी संगठनों का निकाय है. हड़ताल बजट सत्र शुरू होने के साथ होगी. आपको बता दें कि 2020-21 का आम बजट एक फरवरी को पेश किया जायेगा.
कौन-कौन बैंक बंद रहेंगे : हड़ताल से सभी सार्वजनिक क्षेत्रों की बैंक शाखाओं के काम पर असर पड़ेगा. ऐसे में राज्य के बैंकिंग कारोबार का 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा संभालने वाली 24 पब्लिक सेक्टर के बैंकों में काम प्रभावित होगा. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) सहित कई बैंकों ने अपने ग्राहकों को सूचित किया है कि 31 जनवरी से दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल से कामकाज कुछ हद तक प्रभावित होगा. राज्य में कार्यरत तीन लीड बैंक एसबीआइ की 561, बैंक ऑफ इंडिया की 492 और इलाहाबाद बैंक की 147 शाखा बंद रहेगी.
निजी बैंक बंद नहीं रहेंगे : इस हड़ताल में निजी क्षेत्र के बैंकों के काम पर असर नहीं पड़ेगा. इस दौरान आइसीआइसीआइ और एचडीएफसी जैसे बैंकों की शाखाएं खुली रहेंगी. हालांकि फेडरल बैंक के हड़ताल में शामिल होने की सूचना है.
क्या पड़ेगा प्रभाव : लगभग 10 लाख बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे. इसके अलावा सफाई कर्मी, क्लर्क और प्रबंधक भी काम नहीं करेंगे. बैंकों से कैश और चेक ट्रांजेक्शन पर असर पड़ सकता है. अगर एटीएम में कैश की बात करें, तो शुक्रवार को करीब 3000 एटीएम में कैश रहेगा. वहां कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन कैश खत्म हो जाने पर रीफिलिंग में समस्या आयेगी. महीने का आखिरी दिन होने की वजह से लोगों को पैसा निकालने और घर का खर्चा चलाने में परेशानी हो सकती है.
वेतन वृद्धि समेत 12 सूत्री मांगों को लेकर की जा रही है हड़ताल
केंद्रीय कर्मियों के वेतन से जुड़े मुद्दों पर फौरन निर्णय लिया जाता है. आइबीए के साथ 36 बैठकों के बाद भी बैंककर्मियों की मांगें नवंबर 2017 से ही लंबित हैं. भारतीय बैंक संघ (आइबीए) के अड़ियल रुख के कारण हमारे पास हड़ताल पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. हड़ताल में आम लोगों के कई हित समाहित हैं. इसे देखते हुए बैंक ग्राहकों से सहयोग की अपील करते हैं.
सुनील लकड़ा, महासचिव झारखंड, एआइबीओसी
सीटू ने किया समर्थन
रांची : सेंटर आॅफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) की झारखंड राज्य कमेटी ने बैंककर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया है. महासचिव प्रकाश विप्लव ने बयान जारी कर कहा कि केंद्र सरकार की उदारवादी व निजीकरण की नीतियों के कारण हमारे देश का बैंकिंग सेक्टर खतरे में है. यह हड़ताल राष्ट्रीयकृत बैंकों को बचाने के लिए की जा रही है. सीटू ने दो दिवसीय बैंक हड़ताल का समर्थन करते हुए अपनी तमाम यूनियनों से एकजुटता प्रदर्शित करने का आह्वान किया है.

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