पुलिस की पहल : ईंट भट्ठा मालिक ने किया मुक्त, बंधक मजदूर गांव लौटे

चान्हो : आठ हजार रुपये को लेकर गया के डोभी स्थित ईंट भट्ठे में चार दिन तक बंधक रहे चान्हो के लुंडरी गांव निवासी मजदूर सुगन महली व रामू उरांव घर वापस आ गये हैं. चान्हो पुलिस की पहल के बाद ईंट भट्ठे के मालिक ने उन्हें मुक्त कर दिया और 25 जनवरी की शाम […]

चान्हो : आठ हजार रुपये को लेकर गया के डोभी स्थित ईंट भट्ठे में चार दिन तक बंधक रहे चान्हो के लुंडरी गांव निवासी मजदूर सुगन महली व रामू उरांव घर वापस आ गये हैं. चान्हो पुलिस की पहल के बाद ईंट भट्ठे के मालिक ने उन्हें मुक्त कर दिया और 25 जनवरी की शाम वे घर लौट आये.
घर वापसी के बाद सुगन महली ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि चान्हो पुलिस के दबाव पर भट्ठा मालिक ने उन्हें स्वयं अपने वाहन में बस स्टेशन तक छुड़वाया. उसके बाद वे वहां से रांची होते हुए घर वापस लौट गये. सुगन महली के अनुसार जिस आठ हजार रुपये के लिए वह चार दिनों तक भट्ठा में बंधक थे. उसे वहां से भाग खड़े हुए गांव के तीन युवक महादेव उरांव, कृष्णा उरांव व जगरनाथ उरांव से वसूलकर उसे भट्ठा मालिक तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उसे ही दी गयी है.
सुगन महली के मुताबिक 16 जनवरी को वे ईंट भट्ठा गये थे और वहां उन्होंने पांच दिन ही काम किया था. पांच दिनों के काम की उन्हें मजदूरी भी नहीं मिली. खुराकी के रूप में जो थोड़ा-बहुत पैसा मिला था. वह उसी में कट गया. अलग से उनके परिजनों को उनके नाम पर भट्ठा सरदार द्वारा एडवांस के रूप में लिया गया 6500 रुपये का हर्जाना भी भरना पड़ा.
घर वापसी के बाद सुगन महली एक बार फिर से काम की तलाश में दूसरे राज्य जाने की तैयारी में है. उसका कहना है कि यहां कोई काम ही नहीं है. उसके समक्ष अपना ही नहीं पूरे परिवार का पेट पालने की मजबूरी है. इसके चलते उसे आज नहीं तो कल गांव छोड़ना ही पड़ेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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