रांची : मेधा प्लांट में एफएसएसएआइ मानक की प्रयोगशाला बनेगी

राजेश कुमार रांची : अब दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावट की जांच रांची में हो सकेगी. इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. केंद्र सरकार ने देश के हर राज्य में एफएसएसएआइ (फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया) मानक की लेबोरेट्री (प्रयोगशाला) स्थापित करने का निर्देश दिया है. झारखंड में लेबोरेट्री […]

राजेश कुमार
रांची : अब दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावट की जांच रांची में हो सकेगी. इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. केंद्र सरकार ने देश के हर राज्य में एफएसएसएआइ (फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया) मानक की लेबोरेट्री (प्रयोगशाला) स्थापित करने का निर्देश दिया है. झारखंड में लेबोरेट्री स्थापित करने का जिम्मा झारखंड स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर फेडरेशन लिमिटेड (मेधा ब्रांड) काे मिला है.
यह लेबोरेट्री होटवार स्थित मेधा प्लांट में बनेगी. सबसे खास बात यह है कि यह लेबोरेट्री एनएबीएल एक्रिडियेट होगी.
फ्रांस और डेनमार्क से आयेगी मशीन : लेबोरेट्री के लिए मशीन फ्रांस और डेनमार्क से मंगायी जायेगी. इसकी लागत 12-14 करोड़ रुपये आयेगी. केंद्र सरकार ने 8.2 करोड़ रुपये स्वीकृत की है. इसमें से चार करोड़ रुपये मिल चुके हैं. शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी. सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो लेबोरेट्री को जून तक शुरू कर दिया जायेगा.
क्या होगा फायदा : इस लेबोरेट्री के स्थापित होने से दूध और दूध से बने उत्पादों की जांच समय पर हो सकेगी. व्यक्तिगत से लेकर संस्था की ओर से इसमें उत्पादों की जांच हो सकेगी. इसके लिए निर्धारित चार्ज लिया जायेगा. अभी लेबोरेट्री नहीं होने के कारण दूसरे राज्यों में जांच के लिए उत्पादों को भेजना पड़ता है. इसमें काफी समय लगता है.

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